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हवा में भी तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस? WHO ने ट्वीट कर कही ये बात

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी है। कई विकसित देश इसके आगे  बेबस नजर आ रहे हैं। चीन से निकला वायरस अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। इस जानलेवा वायरस से अबतक 34000 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं करीब 7 लाख 22 हजार लोग इससे संक्रमित हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर कोरोना के लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कोई कोरोना का देशी इलाज बता रहा है तो कोई इसे चीन द्वारा बनाया गया जैविक हथियार कह रहा है।

इन सब के बीच आजकल जो बात लोगों में तेजी से फैल रही है वो ये है कि कोरोना हवा में भी फैल रहा है। अब इस बात का WHO ने भी जवाब दिया है। WHO के मुताबिक कोरोना जिसे कोविड-19 के नाम से भी जाना जाता है वह एयरबोर्न डिजीज नहीं है। सीधे शब्दों में कहें तो कोरोना हवा में नहीं फैलता है।

WHO ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस सिर्फ सरफेस या ड्रॉपलेट के जरिए ही एक इंसान से दूसरे इंसान को संक्रमित करता है। WHO ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस सिर्फ सरफेस या ड्रॉपलेट के जरिए ही एक इंसान से दूसरे इंसान को संक्रमित करता है।

WHO ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस सिर्फ सरफेस या ड्रॉपलेट के जरिए ही एक इंसान से दूसरे इंसान को संक्रमित करता है।

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कोरोनाः चीनी कंपनी का दावा, बन चुकी है वैक्सीन, 10 करोड़ डोज होंगे तैयार

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस वायरस से अब तक 61 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 3 लाख 71 हजार लोगों को इस खतरनाक बीमारी की वजह से जान गंवानी पड़ी है। इस बीच जिस देश से यह वायरस पूरी दुनिया में फैला वहां के वैज्ञानिकों ने इसकी वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है।

चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने कोरोना वायरस की 99 फीसदी कारगर वैक्सीन बना ली है। इस वैक्सीन के करीब 10 करोड़ डोज बनाने की तैयारी चल रही है। वैक्सीन बनाने का यह दावा बीजिंग की बायोटेक कंपनी ‘सिनोवैक’ ने किया है। चीन में करीब एक हजार से ज्यादा वॉलंटियर पर इसका ट्रायल चल रहा है। हालांकि अब इस वैक्सीन का स्टेज 3 ट्रायल ब्रिटेन में करने की तैयारी की जा रही है।

वैक्सीन बनाने वाले शोधकर्ताओं से जब यह पूछा गया कि क्या यह वैक्सीन काम करेगी। इसके जवाब में रिसर्चर्स लुओ बैशन ने कहा कि यह 99 फीसदी तक कारगर साबित होगी। फिलहाल कंपनी वैक्सीन का स्टेज 2 का ट्रायल कर रही है, लेकिन चीन में कोरोना संक्रमण के कम मामले को देखते हुए वॉलंटियर की कमी पड़ गई है।

कंपनी ‘सिनोवैक’ ने कहा है कि हम यूरोप के कई देशों से ट्रायल के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही यूके से भी बातचीत की गई है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। कंपनी बीजिंग में एक प्लांट भी लगा रही है। इस प्लांट में करीब 10 करोड़ डोज तैयार किए जाएंगे।

‘सिनोवैक’ का कहना है कि इस वैक्सीन का प्रयोग सबसे पहले हाई रिस्क वाले मरीजों पर होगा। इस दौरान हेल्थ वर्कर्स और बड़ी उम्र वाले लोगों पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि अभी स्टेज 2 के ट्रायल में महीनों लगेंगे। इसके साथ ही वैक्सीन की रेग्यूलेटरी अप्रूवल भी चाहिए होगी।

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