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कोरोना को लेकर सख्त हुई सरकार, घर से निकलने पर होगी FIR

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस भारत में तेजी से अपने पांव पसार रहा है। महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, राजस्थान की तरह उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित यूपी का गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिला है।  यहां 32 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। हर दिन संक्रमितों की बढ़ती संख्या से सरकार और जिला प्रशासन के माथे पर अब बल पड़ने लगा है। यही वजह है कि जिला प्रशासन की ओर से नया और सख्त फरमान जारी किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद दिल्ली और नोएडा में और सख्ती की तैयारी की गई है। अब बेवजह कोई घर से बाहर निकला तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ उसकी गाड़ी को जब्त कर लिया जाएगा।

सिर्फ कर्फ्यू पास वालों को छूट दी जाएगी। इसके अलावा नोएडा पुलिस ने कहा कि जबतक जरूरी न हो शाम 4 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें।

 

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यूपी में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों का अकेले 25% प्रवासी मजदूर, सरकार की बढ़ी चिंता

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग कोरोनावायरस से संक्रमित होते जा रहे हैं। यूपी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 6,305 तक पहुंच गई। जानलेवा वायरस की चपेट में आने से अब तक 166 मौतें हो चुकी हैं। राहत की बात यह कि अस्पतालों में इलाज से अब तक 3538 लोग संक्रमण-मुक्त हो चुके हैं।

संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से कोरोना संक्रमित मरीजों का मिलना लगातार जारी है। अभी तक पूरे प्रदेश में 2,29,621 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं और इसमें से 2,17,867 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है यानी इनमें कोरोना वायरस नहीं पाया गया। वहीं, दूसरी ओर 1012 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।

प्रवासी मजदूर बने चिंता का सबब

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में विभिन्न साधनों से करीब 20 लाख प्रवासी मजदूर वापस आए हैं। सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश में आए हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से उछाला आया है।
अब तक अन्य राज्यों से आए 1569 प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जो कि कुल मरीजों का लगभग 25 प्रतिशत है।

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के कारण प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का प्रतिशत काफी बढ़ा है। कम्युनिटी सर्विलांस के जरिए इन श्रमिकों पर गांव और मोहल्ला निगरानी समितियों की इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी है। उन्हें कहा कि लक्षण न पाए जाने पर इन श्रमिकों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाता है। होम क्वारंटीन के दौरान ये श्रमिक बाहर निकलते पाए गए तो इन्हें संदिग्ध मरीजों पर सरकारी क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा।

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