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नोबेल विजेता का दावा : बहुत जल्द खत्म होने वाला है कोरोना का खतरा

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नोबेल पुरस्कार विजेता माइकेल लेविट का ये बयान आपको सुकून देगा। उन्होंने कोरोना के संक्रमण पर ये कहा है कि कोरोना वायरस का दुनिया में सबसे बुरा दौर पहले ही खत्म हो चुका है। कोरोना वायरस से जितना बुरा होना था, वो हो चुका है।

लेविट ने चीन में कोरोना से 3250 मौतों और 80,000 मामलों का अनुमान लगाया था, जो अभी तक सटीक निकला है। मंगलवार तक चीन में 3277 मौतें और 81171 मामले सामने आए हैं। चीन में कोरोना वायरस से उबरने को लेकर उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई है।

Corona Cases : देश में मौत का आंकड़ा पहुंचा 16, 639 लोग संक्रमित

वहीं फरवरी में लेविट ने लिखा था कि हर दिन कोरोना के नए मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। इससे ये साबित होता है कि अगले सप्ताह में कोरोना वायरस से होने वाली मौत की दर घटने लगेगी। लेविट पूरी दुनिया में भी चीन की तरह हालात में सुधार होने का अनुमान लगा रहै हैं। अगर उनका अनुमान सही है, तो यह दुनिया के लिए सुकून देने वाला है।

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कोरोना वायरस भेष बदलकर फिर पहुंचा चीन, इस बदलाव के साथ बना पहले से भी खतरनाक

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनिया के सभी देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इस वायरस से अब मरने वालों की संख्या 76 हजार के पार हो गई है। दुनिया के किसी देश के वैज्ञानिकों को इसकी दवा खोजने में अबतक कामयाबी हासिल नहीं हुई है।

इस बीच यह वायरस जहां से निकला है वहीं दोबारा भेष बदलकर पहुंच चुका है। इस बार यह कोरोना वायरस और भी ज्यादा खतरनाक होकर चीन में लौटा है। यह इतना खतरनाक है कि लोगों को आसानी से चकमा दे सकता है।

ये नया कोरोना भी चीन के उसी हुबेई प्रांत से आया है जहां से पुराना कोरोना निकला था। जानकारों की मानें तो ये नया कोरोना पुराने कोरोना से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इस नए कोरोना का कोई लक्षण ही नहीं है। यानी इसके शिकार शख्स को पता ही नहीं चलेगा कि वो संक्रमित है या नहीं?

अभी तक सर्दी, खांसी, गला खराब, बुखार सांस लेने में तकलीफ को ही कोरोना के लक्षण बताए गए हैं और अभी इस कोरोना से पूरी दुनिया जूझ ही रही है कि दुनिया को डराने के लिए नई शक्ल में कोरोना उसी चीन में दोबारा लौट आया है जहां से पहला कोरोना फैला था, मगर इस बार ज्यादा खतरनाक तरीके से।

इस नए कोरोना के संक्रमण का कोई लक्षण ही नहीं है इसीलिए इसे एसिम्टोमैटिक केस कहा जा रहा है। एसिम्टोमैटिक कोरोना का मरीज कोविड-19 के आम मरीज से ज़्यादा खतरनाक होता है क्योंकि कम से कम उनमें कोरोना के लक्षण नजर आते हैं।

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