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IS आतंकियों ने गुरूद्वारे पर किया फिदायीन हमला, 27 श्रद्धालुओं की मौत

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नई दिल्ली। अफगानिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां राजधानी काबुल के एक गुरूद्वारे में आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। इस हमले में 27 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 8 से ज्यादा घायल हैं।

जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार सुबह साढ़े सात बजे की है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने गुरूद्वारे की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकियों को मार गिराया। इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

बता दें कि अफगानिस्तान में करीब 300 सिख परिवार रहते हैं। इनकी संख्या काबुल और जलालाबाद में अधिक है। इन्हीं दो शहरों में गुरुद्वारे भी हैं।  भारत ने इस हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोरोनावायरस महामारी के समय में अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थानों पर इस तरह के कायरतापूर्ण हमले, अपराधियों और उनके आकाओं की शैतानी मानसिकता दिखाते हैं।’’

कानूनविद नरिंद्र सिंह खालसा ने बताया कि उनके पास गुरुद्वारे से फोन आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि गुरुद्वारे में 150 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। आतंकी गुट तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया- इस हमले से संगठन का कोई लेनादेना नहीं है। हमने कोई हमला नहीं किया।

 

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इस देश के डॉक्टरों ने किया बड़ा दावा, अब कमजोर पड़ने लगा है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर के लगभग 62 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या 3 लाख 71 हजार के पार चली गई है।

इस बीच इटली के टॉप डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर दी है। इस देश के डॉक्टर्स के दावे के मुताबिक  वायरस धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है और अब उतना जानलेवा नहीं रह गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर पड़ रहा है। जेनोआ के सैन मार्टिनो अस्पताल में संक्रामक रोग प्रमुख डॉक्टर मैट्टेओ बासेट्टी ने ये जानकारी न्यूज एजेंसी ANSA को दी।

डॉक्टर मैट्टेओ ने कहा, कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है. इस वायरस में अब वैसी क्षमता नहीं रह गई है जैसी दो महीने पहले थी। स्पष्ट रूप से इस समय की COVID-19 बीमारी अलग है।’

लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया,  ‘वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है। पिछले 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या दो महीने पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है।’

इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और COVID-19 से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है। हालांकि मई महीने में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मंत्री सैंड्रा जम्पा ने एक बयान में कहा, ‘कोरोना वायरस खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है। मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें।’

सैंड्रा जम्पा ने कहा, ‘इसके बजाय हमें लोगों से अधिक सावधानी बरतने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, भीड़ में ना जानें, बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए कहना चाहिए।’

 

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