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इन बीमारी वाले लोगों को भी करानी होगी कोरोना की जांच, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया निर्देश

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कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नया निर्देश जारी किया है। मंत्रालय के निर्देश के अनुसार सभी निमोनिया मरीजों को कोरोना वायरस की जांच करानी होगी।

साथ ही यह भी कहा गया है कि निमोनिया पीड़ित मरीजों की जानकारी नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल (NCDC) या इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) में देनी होगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी अस्पतालों को कहा है कि वे परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखें। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से देश में कोरोना मरीजों की जांच को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लगेगा।

मंत्रालय ने कहा है कि सभी अस्पताल जांच ले कि उनके पास पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन, मास्क, हैजमट सूट, आईसीयू आदि की व्यवस्था है कि नहीं। साथ ही यह भी कहा है कि हर मरीज के साथ एक ही अटेंडेंट होगा. इस नियम का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस से बीमार व्यक्ति को गंभीर स्तर का निमोनिया हो जाता है। जिसकी वजह से उसके फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। चीन के वुहान में भी सबसे पहले निमोनिया के ही मामले सामने आए थे, जो बाद में पता चला कि कोरोना से संक्रमित हैं।

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मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी- वैक्सीब कब तक आएगी ये केवल वैज्ञानिकों को पता

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर कोविड-19 की ताजा स्थिति की समीक्षा की जहां हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बधेल और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्रियों से बातचीत के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैक्सीन कब आएगी, इसका समय हम तय नहीं कर सकते। आपके और हमारे हाथ में नहीं है, वैज्ञानिकों के हाथ में है, कुछ लोग इसे लेकर राजनीति करते हैं। राजनीति करने से किसी को रोक नहीं सकता।

बता दें कि केंद्र की ओर से लगातार यह प्रयास भी हो रहे हैं कि जब भी कोरोना का टीका उपलब्ध हो, उसके सुचारू वितरण की व्यवस्था हो सके। भारत में फिलहाल पांच वैक्सीन तैयार होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इनमें से चार परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में हैं जबकि एक पहले या दूसरे चरण में है।

प्रधानमंत्री मोदी कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए अब तक कई बार राज्यों के साथ बैठकें कर चुके हैं। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पिछले कुछ दिनों से 50,000 के नीचे आ रहे हैं, वहीं कुछ राज्यों में मामले तेजी से बढ़े हैं। कुछ शहरों में तो रात का कर्फ्यू भी लगाया गया है।

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