Connect with us

प्रादेशिक

लखनऊ में कोरोना वायरस का पहला मामला आया सामने, डॉक्टर को ही बना डाला शिकार

Published

on

लखनऊ में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है। इसके साथ ही भारत में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 61 हो गई है। कनाडा से लखनऊ अपने रिश्तेदारों से मिलने आई एक महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये महिला बाहर से लखनऊ आई थी, महिला की केजीएमयू के बीएसएल थ्री लैब में जांच की गई, जिसमें कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। महिला के साथ उनके पति भी आए थे, लेकिन जांच में सिर्फ महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला पेशे से डॉक्टर हैं और लखनऊ की मूल निवासी हैं, लेकिन लंबे समय से वो कनाडा में रह रही थी।

सीएए, एनआरसी और एनपीआर क्या है ? अभी तक नहीं जानते तो यहां आसानी से समझें

वहीं बिहार के पटना के पीएमसीएच और एनएमसीएच में कोरोना वायरस के दो-दो संदिग्ध भर्ती हुए हैं। पीएमसीएच में भर्ती संदिग्ध औरंगाबाद और समस्तीपुर का है। आप को बता दें कि कोरोना वायरस के संदिग्धों को 14 दिन तक अलग रखने के लिए आईटीबीपी ने चार और सेंटर बना दिए हैं। आईटीबीपी ने बीटीसी, किमिन, शिवगंगई और कारेरा में सेंटर बने है। बीटीसी में 580 संदिग्धों, किमिन में 210 संदिग्धों, शिवगंगई में 300 संदिग्धों और कारेरा में 180 संदिग्धों को रखने की व्यवस्था की गई है।

प्रादेशिक

यूपी में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों का अकेले 25% प्रवासी मजदूर, सरकार की बढ़ी चिंता

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग कोरोनावायरस से संक्रमित होते जा रहे हैं। यूपी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 6,305 तक पहुंच गई। जानलेवा वायरस की चपेट में आने से अब तक 166 मौतें हो चुकी हैं। राहत की बात यह कि अस्पतालों में इलाज से अब तक 3538 लोग संक्रमण-मुक्त हो चुके हैं।

संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से कोरोना संक्रमित मरीजों का मिलना लगातार जारी है। अभी तक पूरे प्रदेश में 2,29,621 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं और इसमें से 2,17,867 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है यानी इनमें कोरोना वायरस नहीं पाया गया। वहीं, दूसरी ओर 1012 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।

प्रवासी मजदूर बने चिंता का सबब

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में विभिन्न साधनों से करीब 20 लाख प्रवासी मजदूर वापस आए हैं। सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश में आए हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से उछाला आया है।
अब तक अन्य राज्यों से आए 1569 प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जो कि कुल मरीजों का लगभग 25 प्रतिशत है।

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के कारण प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का प्रतिशत काफी बढ़ा है। कम्युनिटी सर्विलांस के जरिए इन श्रमिकों पर गांव और मोहल्ला निगरानी समितियों की इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी है। उन्हें कहा कि लक्षण न पाए जाने पर इन श्रमिकों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाता है। होम क्वारंटीन के दौरान ये श्रमिक बाहर निकलते पाए गए तो इन्हें संदिग्ध मरीजों पर सरकारी क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending