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तीन दिनों ‘लव आज कल’ का हुआ बुरा हाल, कमाई में आई भारी गिरावट

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मुंबई। वैलेंटाइन डे मौके पर रिलीज हुई फिल्म ‘लव आज कल’ तीसरे दिन भी कोई करिश्मा नहीं दिखा सकी। रविवार को फिल्म ने 8.10 करोड़ का कलेक्शन किया।

इसी के साथ फिल्म का कुल कलेक्शन 28.51 करोड़ हो गया है।  कलेक्शन के आंकड़े ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने जारी किए हैं। आमतौर पर शनिवार और रविवार के दिन फिल्म की कमाई में उछाल देखने को मिलता है लेकिन फिल्म का दूसरे और तीसरे दिन के कलेक्शन ने मेकर्स को परेशानी में डाल दिया है।

बता दें कि लव आज कल को लोगों का मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिला है। क्रिटिक्स को भी यह फिल्म प्रभावित नहीं कर सकी है। फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है।

इम्तियाज इससे पहले इसी नाम की 2009 में फिल्म बना चुके हैं। इस फिल्म में सारा के पिता सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

 

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कोरोनाः गरीबों की मदद के लिए आगे आए सलमान खान, 25 हजार मजदूरों की करेंगे मदद

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मुंबई। कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश 21 दिनों के लिए बंद है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी रोज मजदूरी करके पेट पालने वाले लोगों को हो रही है।

अब इन मजदूरों के लिए सलमान खान मसीहा बनकर सामने आए हैं। सलमान ने फिल्म इंडस्ट्री के दिहाड़ी मजदूरों को पैसों की मदद देने का फैसला किया है।

Federation of Western Indian Cine Employees (FWICE) के मुताबिक, सलमान खान ने इंडस्ट्री के 25000 दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक रूप से मदद करने का प्रण लिया है।

सलमान ने अपने NGO बीइंग ह्यूमन के जरिए मजदूरों की मदद करेंगे। FWICE के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी ने बताया कि सलमान खान अपने NGO बीइंग ह्यूमन के जरिए उनके आर्गेनाईजेशन तक पहुंचे और मजदूरों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा, ‘सलमान खान का बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन दिहाड़ी मजदूरों की मदद को आगे आया है। उन्होंने हमें तीन दिन पहले कॉल किया था। हमारे पास 5 लाख मजदूर हैं, जिनमें से 25000 को आर्थिक मदद की बेहद जरूरत है।

बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन ने कहा कि वे उन सभी मजदूरों का ख्याल रखेंगे। उन्होंने इन 25000 मजदूरों की अकाउंट डिटेल्स मांगीं हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि मदद के पैसे सीधा मजदूरों के पास पहुंचे।’

तिवारी ने आगे बताया, ‘उन मजदूरों के अलावा 4,75,000 मजदूर हमारे पास और हैं, जिनको हम सपोर्ट कर रहे हैं। ये लोग एक महीने तक अपना काम चला सकते हैं। हमने उनके लिए राशन इकट्ठा किया है, लेकिन दुर्भाग्य से वे इसे लेने यहां नहीं आ सकते। तो हम इसे उनतक पहुंचाने के रास्ते ढूंढ रहे हैं।’

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