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राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का हुआ समापन

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लखनऊ। राजकीय पॉलिटेक्निक लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का गुरुवार को समापन हुआ। इस मौके पर संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा मध्य क्षेत्र के. राम ने कॉलेज में आयोजित हुई कई स्पर्धाओं में विजेता छात्र-छात्रों को मेडल पहना कर पुरस्कृत किया। वहीं उन्हें खेलकूद के लिए प्रोत्साहित किया।
तीसरे दिन आयोजित प्रतियोगिताएं
वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन जैवलिन थ्रो, हाई जम्प, लॉन्ग जम्प, बैडमिंटन समेत कई प्रतियोगिताएं हुई। इसमें छात्राओं की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में पीएमटी अंतिम वर्ष की सना फातिमा ने बाजी मारी। दीपशिखा (पीएमटी द्वितीय वर्ष) दूसरे, संजना यादव (इलेक्ट्रॉनिक प्रथम वर्ष) तीसरे स्थान पर रहीं।
हाई जम्प में अनीशा यादव (विद्युत प्रथम वर्ष) पहला, विद्यावती सिंह (विद्युत द्वितीय वर्ष) दूसरा और सोनल सरोज (मैके.प्रो प्रथम वर्ष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
लॉन्ग जम्प में पीएमटी द्वितीय वर्ष की दीपशिखा सिंह पहले, मैके ऑटो द्वितीय वर्ष की खुशनुमा बानो दूसरे और विद्युत प्रथम वर्ष की अनीशा यादव तीसरे स्थान पर रहीं  बैडमिंटन में सिविल अंतिम वर्ष की पुष्पांजलि मौर्या अव्वल रहीं। दूसरे पर सना फातिमा और तीसरे पर दीपशिखा मौर्य रहीं।
म्यूजिकल चेयर में हेमा (आईटी प्रथम वर्ष), श्रेया (मैके ऑटो प्रथम वर्ष), अंशु मदेशिया (आईटी प्रथम वर्ष) ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
बालकों की 1500 मीटर दौड़ में मैके प्रो. अंतिम वर्ष  छात्र अमरेंद्र पहले स्थान पर रहे। पीएमटी फर्स्ट ईयर के अभिषेक ने दूसरा और मैके प्रो लास्ट ईयर के प्रीतम सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
छात्र वर्ग के बैडमिंटन में मैके.ऑटो लास्ट ईयर के सिद्धार्थ को पहला पुरस्कार, पीएमटी सेकेंड ईयर के आदित्य गुप्ता को दूसरा और पीएमटी सेंकेड ईयर के राशिद चौधरी को तीसरा पदक मिला।
इसके साथ ही बालक वर्ग में आर्किटेक्चर सेंकेंड ईयर के साहिल सिंह और बालिका वर्ग में विद्युत अभी० प्रथम वर्ष की अनीशा यादव ओवरऑल चैम्पियन बने।

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Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

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लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

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