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निर्भया केस: 30 जनवरी को तिहाड़ पहुंचेगा पवन जल्लाद, 1 फरवरी को होगी चारों को फांसी

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नई दिल्ली। निर्भया केस के दोषी मुकेश की सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उसकी फांसी पक्की हो गई है। अब मुकेश के पास फांसी से बचने के कोई क़ानूनी विकल्प नहीं बचा है। निर्भया के चारों दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी है। इस बीच निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए पवन जल्लाद गुरुवार को तिहाड़ जेल पहुंच जाएगा।

तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक, मेरठ से जल्लाद पवन के आने के बाद फांसी की तैयारी में तेजी आएगी। वहीं, जल्लाद पवन पहले ही कह चुका है कि उसे फांसी का फंदा और फांसी से जुड़ी तैयारी के लिए सिर्फ दो दिन चाहिए, ऐसे में पवन का 30 जनवरी को आना तय माना जा रहा है। पवन जल्लाद तिहाड़ जेल में बने फ्लैट में रुकेगा। तिहाड़ जेल मुख्यालय से चंद कदम दूर स्थित सेमी ओपन जेल के एक फ्लैट से तीन कैदियों को दूसरे कमरे में स्थानांतरित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस कमरे को जल्लाद पवन के लिए खाली कराया गया है। इस कमरे में उसके ठहरने का इंतजाम किया जाएगा। बताया गया कि पवन के लिए एक र्फोंल्डग बैड, रजाई और गद्दे की व्यवस्था की जा रही है। उसका भोजन कैंटीन में तैयार किया जाएगा।

अब तक पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया में अगर कोई बदलाव नहीं हुआ तो, एक फरवरी को सुबह छह बजे चारों मुजरिम फांसी के फंदे पर लटका दिए जाएंगे। मंगलवार को तिहाड़ में बंद चारों मुजरिमों के रिश्तेदार भी उनसे मिलने पहुंचे। हालांकि जेल प्रशासन इसे आखिर मुलाकात नहीं मान रहा। निर्भया के हत्यारों को फांसी कौन देगा? डेथ वारंट जारी होने के बाद से ही तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने यह यक्ष प्रश्न खड़ा था। इसका माकूल जबाब दिया उत्तर प्रदेश जेल महानिदेशालय ने। दिल्ली से सटे यूपी के मेरठ में रह रहे पवन जल्लाद के नाम पर अंतिम मुहर लगाकर। मंगलवार रात तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने इसकी पुष्टि की।

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आखिर किस वजह से पलटी गाड़ी, कानपुर के एसएसपी ने बताया

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नई दिल्‍ली। कानपुर में आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यूपी एसटीएफ उसे लेकर कानपुर आ रही थी कि तभी रास्ते में जिस गाडी में वो बैठा था वो पलट गई। इसके बाद उसने एसटीएफ के एक सिपाही से पिस्टल छीन भागने की कोशिश की लेकिन मुठभेड़ में वो मार गिराया गया।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, एसएसपी दिनेश कुमार ने इस बारे में खुलासा किया है कि जिस कार में विकास दुबे को लेकर आया जा रहा था, वह गाड़ी क्‍यों पलटी।

एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने बताया कि कैसे कुछ गाड़ियों से पीछा छुड़ाने के लिए पुलिस को स्पीड में गाड़ी दौड़ानी पड़ी और दुर्घटना हो गई। इस दौरान यूपी एसटीएफ भी साथ थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि विकास दुबे को ला रहे काफिले के पीछे कुछ गाड़ियां लगी हुई थीं। यह लगातार पुलिस के काफिले को फॉलो कर रही थीं, जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई। बारिश तेज़ थी, इसलिए गाड़ी पलट गई।

#KANPUR #SSP #VIKASDUBEY

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