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कुंवर्स ग्लोबल स्कूल का 5वां वार्षिकोत्सव भव्‍यता और दिव्‍यता के साथ हुआ संपन्न

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लखनऊ। राजधानी का एकमात्र बोर्डिंग स्‍कूल कुंवर्स ग्लोबल स्कूल का पांचवां वार्षिकोत्सव पूरी भव्‍यता और दिव्‍यता के साथ संपन्‍न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. महेन्द्र सिंह माननीय मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ किया गया।

अपने संबोधन में डा. महेंद्र सिंह ने कहा कि कुंवर्स ग्लोबल स्कूल सिर्फ स्‍कूल नहीं बल्कि शिक्षा व परंपरा का एक ऐसा मंदिर है जहां भारतीय परंपराओं, मूल्‍यों व संस्‍कृति के संगम से देश का भविष्‍य संवारा जाता है। यहां के हर बच्‍चे में अपने गौरवशाली इतिहास व भारतीय संस्‍कृति के प्रति सम्‍मान का भाव परिलक्षित होता है।

कुंवर्स ग्लोबल स्कूल के चेयरमैन राजेश सिंह को अपना भाई बताते हुए डा. महेन्द्र सिंह कहा कि उन्‍होंने अपनी भावकुतापूर्ण मनःस्थिति से इस विद्यालय को अभिसिंचित किया है। राजेश सिंह और उनकी धर्मपत्‍नी यहां के हर बच्‍चे अपने बेटे यशार्थ उपाख्‍य कुंवर को देखते हैं। एक हादसे को उन्‍होंने अपनी मेहनत और लगन से शिक्षा के ऐसे पावन मं‍दिर के रूप में प्रतिस्‍थापित किया जिसकी मिसाल शायद ही कहीं मिलेगी।

विद्यालय की व्‍यवस्‍थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए डा. महेन्द्र सिंह ने कहा कि पढ़ाई, खेल, स्‍वास्‍थ्‍य व अनुशासन की ऐसी सुंदर व्‍यवस्‍था भारत के ख्‍यातिलब्‍ध स्‍कूलों में भी देखने को नहीं मिलती। कुंवर्स ग्लोबल स्कूल सिर्फ लखनऊ का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाता है।

विशिष्ट अतिथि फिल्म निर्देशक एवं अभिनेता सतीश कौशिक जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के छात्र देश के भावी कर्णधार है। उन्हें अच्छा नागरिक बनाने के लिए अध्यापकों के साथ ही अभिभावकों की भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्कूल की उपब्धियों की सराहना की। छात्रों को रूचिकर शिक्षा देने के साथ ही सामान्य ज्ञान बढ़ाने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के अनेक उपाय भी दिए।

कार्यक्रम की शुरूवात सरस्वती वंदना एवं कृष्ण स्तुति द्वारा हुई। छात्रों ने मनभावन कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्‍ट्र कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की सुप्रसिद्ध लेखनी रश्मिरथी पर नाटक का भी मंचन किया गया। छात्रों ने कर्ण के जीवन को मंच पर उकेरते हुए सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए चेयरमैन व प्रबंधक राजेश सिंह ने सभी का स्वागत किया। अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती अनुपमा गस्तव जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए पाँचवे वार्षिकोत्सव का समापन किया। कार्यक्रम में मिस्टर इण्डिया 2017 दारा सिंह खुराना एवं फिल्म अभिनेत्री पूजा चोपड़ा की मौजूदगी ने चार चांद लगा दिए।

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Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

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लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

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