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मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता को लगा झटका, TMC-BSP ने बनाई दूरी

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नई दिल्ली केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता की कोशिशों को अब दोहरा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाद अब बहुजन समाज पार्टी ने भी यहां सोमवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में भाग न लेने का ऐलान किया है।

कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह बैठक नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष की एकजुटता का संदेश देने के लिए बुलाई है। सोमवार की सुबह मायावती ने तीन ट्वीट कर बैठक से दूरी बनाने की बात कह दी।

बसपा मुखिया मायावती ने राजस्थान में कांग्रेस से मिले धोखे का हवाला देते हुए कहा कि बाहर से सरकार को समर्थन देने के बाद भी दो बार उनके विधायकों को तोड़ा गया।

मायावती ने ट्वीट कर कहा, “जैसा कि विदित है कि राजस्थान में कांग्रेसी सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी इन्होंने दूसरी बार वहां के बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है यह पूर्णतया विश्वासघात है।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, “ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा। इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी।”

मायावती ने आगे तीसरे ट्वीट में कहा, “वैसे भी बीएसपी सीएए, एनआरसी आदि के विरोध में है। केन्द्र सरकार से पुन: अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले। साथ ही, जेएनयू व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।”

बता दें कि इसके पूर्व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कांग्रेस की इस बैठक में न जाने की बात कही थी। ममता ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और वामपंथी दलों की ओर से हिंसा भड़काने के कारण वह 13 जनवरी की बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगी।

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कोरोना वायरस को लेकर हुआ सर्वे, इतने प्रतिशत भारतीयों ने जताया पीएम मोदी पर भरोसा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नोवल कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऐसे में विभिन्न राज्यों के 83.5 प्रतिशत लोगों ने संकट से निपटने को लेकर सरकार पर भरोसा जताया है।

देश भर में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के बीच पिछले सात दिनों के दौरान किए गए कोविड-19 वेव 2 सर्वे में आईएएनएस-सीवीओटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन एक्सक्लूसिव ट्रैकर में यह बात सामने आई है।

यह निष्कर्ष और अनुमान कंप्यूटर-असिस्टेड टेलीफोन साक्षात्कार (सीएटीआई) पर आधारित हैं। एक सवाल के जवाब में यह कहने पर कि ‘मुझे लगता है कि भारत सरकार कोरोनोवायरस मामले को अच्छी तरह से संभाल रही है’, 83.5 प्रतिशत लोगों ने सहमति व्यक्त की कि वे घातक बीमारी से लड़ने के लिए सरकार के कदमों पर भरोसा करते हैं, जबकि 9.4 प्रतिशत ने अपनी असहमति जताई। यह सर्वेक्षण 26 और 27 मार्च को किया गया था।

सरकार पर भरोसा जताने वाले 83.5 प्रतिशत लोगों में से 66.4 प्रतिशत दृढ़ता के साथ इस राय से पूरी तरह सहमत हैं और 17.1 लोग इस मत से सहमत हैं।

इसी सवाल पर 17 और 18 मार्च को किए गए सर्वेक्षण ने दर्शाया कि 83.6 फीसदी लोगों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार पर भरोसा जताया है जो अब तक 29 लोगों की जान ले चुकी है और 1,000 से अधिक कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं। कुल 13.7 फीसदी लोगों ने असहमति जताई थी।

ट्रैकर के अनुसार, डेटा को राज्यों के ज्ञात जनसांख्यिकीय प्रोफाइल पर आधारित किया जाता है। इसने बताया कि यह सर्वेक्षण भारत के सभी राज्यों को कवर करता है और 10 भाषाओं में किया गया था।

डेटा ने स्पष्ट किया कि यह हमारे नैतिक और पारदर्शी वैज्ञानिक नियमों के लिए कड़ाई से वेपोर आचार संहिता (वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ पब्लिक ओपिनियन रिसर्च) का अनुसरण करता है और पीसीआई (प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया) के दिशानिर्देशों को हमारे एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के रूप में शामिल किया है।

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