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फांसी से पहले निर्भया के गुनहगारों का लिया गया गले का माप, फूट-फूटकर रोए चारों

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नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों की फांसी का दिन नज़दीक आ चुका है। सभी चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी है। इस बीच निर्भया गैंगरेप के चार गुनहगारों में से विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करने का फैसला लिया। जस्टिस एनवी रमना, अरुण मिश्रा, आरएफ नरीमन, आर। भानुमति और अशोक भूषण की बेंच 14 जनवरी को इस मामले पर सुनवाई करेगी। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट से इनकी क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो जाएगी और तय दिन पर ही इन्हे फांसी पर लटकाया जाएगा।

इसी को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन तेजी से फांसी की तैयारी में जुट गया है। जेल में डमी से फांसी का अभ्यास करने से पहले शनिवार को चारों दोषियों के गले का नाप लिया गया। साइज के हिसाब से जेल प्रशासन फांसी का फंदा तैयार करेगा। इस दौरान चारों दोषियों की लंबाई मापी गई और वजन भी लिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान चारों गुनहगार फूट-फूट कर रोते रहे। बताया जा रहा है कि जैसे ही कर्मचारी चारों दोषियों मुकेश, विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता और अक्षय ठाकुर के गले- लंबाई का नाप लेने के साथ उनका वजन करने लगे तो सभी के चेहरों पर मौत की आहट साफ नजर आने लगी। इसी के साथ वे रुंधे गले से रोने लगे फिर फूटफूट कर रोए। इस दौरान वहां पर मौजूद जेल कर्मियों ने उन्हें शांत कराया।

गौरतलब है कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने जेल संख्या-3 में चारों दोषियों की फांसी के लिए तख्ता भी तैयार कर लिया है। इसके साथ ही फांसी की प्रक्रिया के तहत डमी ट्रायल किया जाना है। इसी कड़ी में शनिवार को चारों का नाप लिया गया। बता दें कि फांसी से कुछ दिन पहले जहां दोषियों के वजन के साथ उनके खानपान पर नजर रखना शुरू कर दिया जाता है, तो फांसी की तय तारीख के साथ प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। तिहाड़ जेल में पहली बार चार दोषियों को एक साथ फांसी दी जानी है, ऐसे में खास इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

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आखिर किस वजह से पलटी गाड़ी, कानपुर के एसएसपी ने बताया

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नई दिल्‍ली। कानपुर में आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यूपी एसटीएफ उसे लेकर कानपुर आ रही थी कि तभी रास्ते में जिस गाडी में वो बैठा था वो पलट गई। इसके बाद उसने एसटीएफ के एक सिपाही से पिस्टल छीन भागने की कोशिश की लेकिन मुठभेड़ में वो मार गिराया गया।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, एसएसपी दिनेश कुमार ने इस बारे में खुलासा किया है कि जिस कार में विकास दुबे को लेकर आया जा रहा था, वह गाड़ी क्‍यों पलटी।

एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने बताया कि कैसे कुछ गाड़ियों से पीछा छुड़ाने के लिए पुलिस को स्पीड में गाड़ी दौड़ानी पड़ी और दुर्घटना हो गई। इस दौरान यूपी एसटीएफ भी साथ थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि विकास दुबे को ला रहे काफिले के पीछे कुछ गाड़ियां लगी हुई थीं। यह लगातार पुलिस के काफिले को फॉलो कर रही थीं, जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई। बारिश तेज़ थी, इसलिए गाड़ी पलट गई।

#KANPUR #SSP #VIKASDUBEY

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