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अखिलेश यादव का एलान, नहीं भरेंगे NPR

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि वह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए फार्म नहीं भरेंगे। उन्होंने अपनी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी एनपीआर का बहिष्कार करने को कहा। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा तय नहीं करेगी कि मैं भारतीय हूं या नहीं। हम रोजगार चाहते हैं, एनपीआर नहीं।”

हाल में राज्य में हुए सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि पुलिस फायरिंग में लोगों के मारे जाने के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं दी जा रही है? सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई लोगों तक पहुंचे, क्योंकि वह जनता में बढ़ते गुस्से से आशंकित है। मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए अन्याय कर रहे हैं। यहां तक उनके विधायक उनके खिलाफ हैं।”

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बुरी दशा में है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि जब सपा सत्ता में आएगी तो सीएए प्रदर्शन के पीड़ितों की मदद करेगी।उन्होंने कहा, “जिन अधिकारियों ने लोगों पर अत्याचार किए हैं और जिनके वीडियो फूटेज उपलब्ध हैं। जब हम सत्ता में आएंगे तो उन्हें जांच का समना करना होगा। हम विरोध प्रदर्शनों की न्यायिक जांच की मांग करते हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।” अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी के बाद से हालिया प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट पर सबसे लंबी रोक लगी है।

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Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

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लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

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