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हाई कोर्ट ने एक बार फिर दिया मुशर्रफ को झटका, लौटाई याचिका

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नई दिल्ली। लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को तगड़ा झटका देते हुए उनकी ओर से दाखिल की गई याचिका लौटा दी है।

मुशर्रफ की ओर से राजद्रोह मामले में सुनाई गई सजा को चुनौती देने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका लौटाने के पीछे अदालत ने सर्दियों की छुट्टियों का हवाला दिया है।

डॉन न्यूज के मुताबिक, ख्वाजा अहमद तारिक रहीम और अजहर सिद्दीकी के एक कानूनी पैनल ने शुक्रवार को अर्जी दायर की थी, जिसमें राजद्रोह की शिकायत से शुरू होने वाले सभी कार्यो, विशेष ट्रायल कोर्ट की स्थापना और इसकी कार्यवाही को चुनौती दी गई थी।

एलएचसी के मुख्य न्यायाधीश सरदार मुहम्मद शमीम खान द्वारा हाल ही में गठित तीन न्यायाधीशों वाली पूर्ण पीठ 9 जनवरी, 2020 को मुख्य याचिका को देखने वाली है।

एडवोकेट सिद्दीकी ने डॉन न्यूज को बताया कि एलएचसी रजिस्ट्रार के कार्यालय ने शुक्रवार को याचिका वापस कर दी, क्योंकि शीतकालीन अवकाश के दौरान पूर्ण पीठ उपलब्ध नहीं थी।

उन्होंने कहा कि याचिका जनवरी के पहले सप्ताह में फिर से दाखिल की जाएगी। विशेष अदालत ने 17 दिसंबर को अपने फैसले की घोषणा की थी और मुशर्रफ को 2-1 के बहुमत के साथ मौत की सजा सुनाई थी।

 

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यूपी में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों का अकेले 25% प्रवासी मजदूर, सरकार की बढ़ी चिंता

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग कोरोनावायरस से संक्रमित होते जा रहे हैं। यूपी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 6,305 तक पहुंच गई। जानलेवा वायरस की चपेट में आने से अब तक 166 मौतें हो चुकी हैं। राहत की बात यह कि अस्पतालों में इलाज से अब तक 3538 लोग संक्रमण-मुक्त हो चुके हैं।

संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से कोरोना संक्रमित मरीजों का मिलना लगातार जारी है। अभी तक पूरे प्रदेश में 2,29,621 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं और इसमें से 2,17,867 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है यानी इनमें कोरोना वायरस नहीं पाया गया। वहीं, दूसरी ओर 1012 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।

प्रवासी मजदूर बने चिंता का सबब

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में विभिन्न साधनों से करीब 20 लाख प्रवासी मजदूर वापस आए हैं। सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश में आए हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से उछाला आया है।
अब तक अन्य राज्यों से आए 1569 प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जो कि कुल मरीजों का लगभग 25 प्रतिशत है।

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के कारण प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का प्रतिशत काफी बढ़ा है। कम्युनिटी सर्विलांस के जरिए इन श्रमिकों पर गांव और मोहल्ला निगरानी समितियों की इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी है। उन्हें कहा कि लक्षण न पाए जाने पर इन श्रमिकों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाता है। होम क्वारंटीन के दौरान ये श्रमिक बाहर निकलते पाए गए तो इन्हें संदिग्ध मरीजों पर सरकारी क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा।

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