Connect with us

प्रादेशिक

बिहार में ट्रक चालक को बंधक बनाकर अपराधियों ने लूट लिए 51 क्विंटल प्याज

Published

on

पटना। बिहार में प्याज की कीमतों में हुई वृद्धि से लोग पिछले एक महीने से परेशान हैं। पिछले एक महीने से बिहार में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही प्याज के कीमती होने के बाद लुटेरों की नजर प्याज पर भी है।

यही कारण है कि बिहार में प्याज और लहसुन की लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में लुटरों ने एक ट्रक के चालक को बंधक बनाकर उस पर लदे 102 बोरी प्याज को लूट लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि ट्रक चालक देशराज ने बताया कि वह इलाहाबाद (प्रयागराज) से जहानाबाद के लिए 102 बोरी प्याज (51 कुंटल) ट्रक पर लेकर जा रहा था, तभी करीब आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने मोहनिया के मुठानी डायवर्सन के पास उसे बंधक बना लिया और करीब चार घंटे तक उसे इधर-उधर घुमाते रहे।

गुरुवार रात 10 बजे बंधक बनाने के बाद अपराधियों ने आधी रात लगभग दो बजे उसे घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद जब वह ट्रक के पास पहुंचा तब उसके ट्रक से प्याज की बोरी गायब थी। देशराज उत्तर प्रदेश के कौशंबी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। मोहनिया के थाना प्रभारी उदयभान ने बताया कि देशराज के बयान पर मोहनिया थाने में प्याज लूट की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

इससे पहले दिसंबर महीने के प्रथम सप्ताह में भी इसी तर्ज पर कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में लुटेरे एक वाहन से 64 बोरी यानी करीब 1920 किलोग्राम लहसुन लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले की प्राथमिकी कुदरा थाने में दर्ज कराई गई थी, परंतु अब तक इस मामले में पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

प्रादेशिक

Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

Published

on

लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending