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राहुल गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना, NRC-NPR पर कही ये बात

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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को यहां एनआरसी और एनपीआर की तुलना नोटबंदी से की और कहा कि ये दोनों कानून देश की जनता पर नोटबंदी की तरह टैक्स होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण दुनिया में देश की छवि बिगड़ी है। राहुल गांधी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “केंद्र सरकार देश को बांटने में लगी है। एनपीआर हो या एनआरसी, यह देश के गरीबों पर एक टैक्स है। नोटबंदी देश के गरीबों पर एक टैक्स था। नोटबंदी में लोगों को अपने पैसे निकालने के लिए पैसे देने पड़े, यह भी ठीक वैसी ही स्थिति है। गरीब आदमी अफसर के पास जाएगा, अपने कागज दिखाइए, नाम में कुछ गड़बड़ी है तो पैसे दीजिए। गरीबों की जेब से करोड़ों रुपये निकालकर फिर 15 लोगों की जेब में जाएगा।”

यहां आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने आए राहुल गांधी ने कहा, “एनपीआर और एनआरसी गरीबों पर एक आक्रमण है। केंद्र सरकार से गरीब पूछ रहा है कि हमें रोजगार कैसे मिलेगा, पैसा जेब से निकाल लिया, हमें मार दिया, लेकिन हमें मिला क्या।”

देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा, “देश की अर्थव्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। देश में 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, ऐसा छत्तीसगढ़ में नहीं है। पहले दुनिया में माना जाता था कि आर्थिक विकास दर में भारत और चीन तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज पूरी दुनिया में कहा जा रहा है कि हिंदुस्तान में हिंसा हो रही है, महिलाओं को सड़कों पर नहीं चलने दिया जा रहा है, बेरोजगारी 45 साल में सबसे ज्यादा है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर यह कैसे हुआ, अर्थव्यवस्था की धज्जियां क्यों उड़ाई गई।”

राहुल गांधी कांग्रेस के अन्य नेताओं पूर्व लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार, बी. के. हरिप्रसाद के साथ विशेष विमान से दिल्ली से रायपुर पहुंचे। विमानतल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। उसके बाद सभी नेता हवाईअड्डे से एक बस में सवार होकर आयोजन स्थल पहुंचे, और आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के बाद सभी वापस दिल्ली रवाना हो गए।

 

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कोरोना वायरस को लेकर हुआ सर्वे, इतने प्रतिशत भारतीयों ने जताया पीएम मोदी पर भरोसा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नोवल कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऐसे में विभिन्न राज्यों के 83.5 प्रतिशत लोगों ने संकट से निपटने को लेकर सरकार पर भरोसा जताया है।

देश भर में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के बीच पिछले सात दिनों के दौरान किए गए कोविड-19 वेव 2 सर्वे में आईएएनएस-सीवीओटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन एक्सक्लूसिव ट्रैकर में यह बात सामने आई है।

यह निष्कर्ष और अनुमान कंप्यूटर-असिस्टेड टेलीफोन साक्षात्कार (सीएटीआई) पर आधारित हैं। एक सवाल के जवाब में यह कहने पर कि ‘मुझे लगता है कि भारत सरकार कोरोनोवायरस मामले को अच्छी तरह से संभाल रही है’, 83.5 प्रतिशत लोगों ने सहमति व्यक्त की कि वे घातक बीमारी से लड़ने के लिए सरकार के कदमों पर भरोसा करते हैं, जबकि 9.4 प्रतिशत ने अपनी असहमति जताई। यह सर्वेक्षण 26 और 27 मार्च को किया गया था।

सरकार पर भरोसा जताने वाले 83.5 प्रतिशत लोगों में से 66.4 प्रतिशत दृढ़ता के साथ इस राय से पूरी तरह सहमत हैं और 17.1 लोग इस मत से सहमत हैं।

इसी सवाल पर 17 और 18 मार्च को किए गए सर्वेक्षण ने दर्शाया कि 83.6 फीसदी लोगों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार पर भरोसा जताया है जो अब तक 29 लोगों की जान ले चुकी है और 1,000 से अधिक कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं। कुल 13.7 फीसदी लोगों ने असहमति जताई थी।

ट्रैकर के अनुसार, डेटा को राज्यों के ज्ञात जनसांख्यिकीय प्रोफाइल पर आधारित किया जाता है। इसने बताया कि यह सर्वेक्षण भारत के सभी राज्यों को कवर करता है और 10 भाषाओं में किया गया था।

डेटा ने स्पष्ट किया कि यह हमारे नैतिक और पारदर्शी वैज्ञानिक नियमों के लिए कड़ाई से वेपोर आचार संहिता (वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ पब्लिक ओपिनियन रिसर्च) का अनुसरण करता है और पीसीआई (प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया) के दिशानिर्देशों को हमारे एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के रूप में शामिल किया है।

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