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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अपडेट होगा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बाद एक और बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर कैबिनेट की मुहर लग गई। जानकारी के अनुसार यह मुहर एनपीआर को अपडेट करने के लिए लगी है।

क्या होता है एनपीआर

सिटीजनशि‍प (रजिस्ट्रेशन ऑफ सिटीजन्स ऐंड इश्यू ऑफ नेशनल आइडेंटिटी कार्ड्स) रूल्स 2003 में जनसंख्या रजिस्टर को इस तरह से परिभाषि‍त किया गया है। ‘जनसंख्या रजिस्टर का मतलब यह है इसमें किसी गांव या ग्रामीण इलाके या कस्बे या वार्ड या किसी वार्ड या शहरी क्षेत्र के सीमांकित इलाके में रहने वाले लोगों का विवरण शामिल होगा।’

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कोरोना वायरस को लेकर हुआ सर्वे, इतने प्रतिशत भारतीयों ने जताया पीएम मोदी पर भरोसा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नोवल कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऐसे में विभिन्न राज्यों के 83.5 प्रतिशत लोगों ने संकट से निपटने को लेकर सरकार पर भरोसा जताया है।

देश भर में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के बीच पिछले सात दिनों के दौरान किए गए कोविड-19 वेव 2 सर्वे में आईएएनएस-सीवीओटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन एक्सक्लूसिव ट्रैकर में यह बात सामने आई है।

यह निष्कर्ष और अनुमान कंप्यूटर-असिस्टेड टेलीफोन साक्षात्कार (सीएटीआई) पर आधारित हैं। एक सवाल के जवाब में यह कहने पर कि ‘मुझे लगता है कि भारत सरकार कोरोनोवायरस मामले को अच्छी तरह से संभाल रही है’, 83.5 प्रतिशत लोगों ने सहमति व्यक्त की कि वे घातक बीमारी से लड़ने के लिए सरकार के कदमों पर भरोसा करते हैं, जबकि 9.4 प्रतिशत ने अपनी असहमति जताई। यह सर्वेक्षण 26 और 27 मार्च को किया गया था।

सरकार पर भरोसा जताने वाले 83.5 प्रतिशत लोगों में से 66.4 प्रतिशत दृढ़ता के साथ इस राय से पूरी तरह सहमत हैं और 17.1 लोग इस मत से सहमत हैं।

इसी सवाल पर 17 और 18 मार्च को किए गए सर्वेक्षण ने दर्शाया कि 83.6 फीसदी लोगों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार पर भरोसा जताया है जो अब तक 29 लोगों की जान ले चुकी है और 1,000 से अधिक कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं। कुल 13.7 फीसदी लोगों ने असहमति जताई थी।

ट्रैकर के अनुसार, डेटा को राज्यों के ज्ञात जनसांख्यिकीय प्रोफाइल पर आधारित किया जाता है। इसने बताया कि यह सर्वेक्षण भारत के सभी राज्यों को कवर करता है और 10 भाषाओं में किया गया था।

डेटा ने स्पष्ट किया कि यह हमारे नैतिक और पारदर्शी वैज्ञानिक नियमों के लिए कड़ाई से वेपोर आचार संहिता (वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ पब्लिक ओपिनियन रिसर्च) का अनुसरण करता है और पीसीआई (प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया) के दिशानिर्देशों को हमारे एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के रूप में शामिल किया है।

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