Connect with us

प्रादेशिक

छात्रों पर हुई लाठीचार्ज पर बोले उद्धव ठाकरे- जो हुआ वो जलियावाला बाग जैसा

Published

on

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन कर रहे जामिया के छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है।

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए घटना की तुलना जालियावाला बाग केस से कर डाली। जामिया मिलिया इस्लामिया में घुसकर छात्रों को पीटे जाने को लेकर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘जामिया मिलिया इस्लामिया में जो हुआ वह जलियांवाला बाग की तरह है। छात्रों में युवा बम जैसी ताकत है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह छात्रों के साथ जो कर रही है वैसा न करें।’

बता दें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर रविवार को जामिया मिलिया इस्लामिया में विरोध प्रदर्शन हुए। भीड़ ने मथुरा रोड और सरिता विहार-नोएडा रोड पर जाम लगा दिया था।

जब पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो शरारती तत्वों ने उनपर पथराव कर दिया। पुलिस के जवाबी कार्रवाई करने पर भीड़ ने करीब आधा दर्जन बसों में आग लगा दी।

आठ से अधिक बसों में तोड़फोड़ के अलावा कई कारों व दुपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग पर काबू पाने पहुंची दमकल की एक गाड़ी को भीड़ ने तोड़ डाला। हमले में एक दमकलकर्मी के अलावा छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारियों घायल हो गए थे।

पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। हिंसा को देखते हुए जसोला विहार, आरकेपुरम, मनिरका, बसंत विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन को बंद करना पड़ा था।

प्रादेशिक

निर्भया के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की क्यूरेटिव याचिका

Published

on

नई दिल्ली। निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर दी है। याचिका में पवन की तरफ से फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की है।

इससे पहले इस केस में बाकि के तीन दोषियों की पिटीशन भी खारिज हो चुकी है। बता दें कि केवल पवन के पास ही कानून विकल्प बचे हैं बाकि सभी के पास दोषियों के पास फांसी से बचने के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं।

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस घटना में दोषियों ने पीड़िता के प्राइवेट में रॉड तक डाल दी थी। इस भयावह घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस घटना की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी। वहीं निर्भया के एक दोषी राम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending