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अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिकी सरकार ने दी अपने नागरिकों को चेतावनी, भारत के इस इलाके में न जाएं

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नई दिल्ली। अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा करने के खिलाफ चेतावनी दी है।

अमेरिकी दूतावास द्वारा शुक्रवार को यहां जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को ‘नागरिकता (संशोधन) कानून’ बनाए जाने के कारण मीडिया में आ रही विरोध और हिंसा की खबरों के मद्देनजर सावधानी बरतनी चाहिए।अमेरिका ने कहा कि उन्होंने असम की आधिकारिक यात्रा को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है।

एडवाइजरी में कहा गया, “इंटरनेट और मोबाइल संचार बाधित हो सकता है। इस क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में परिवहन प्रभावित हो सकता है। देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन होने की खबरें हैं।”

अमेरिकी नागरिकों को आसपास के माहौल के बारे में जागरूक रहने, अपडेट के लिए स्थानीय मीडिया की खबरों पर नजर रखने, व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करने और अपनी सुरक्षा के संबंध में दोस्तों और परिवार को सूचित करने के लिए कहा है।

अब कानून बन चुके सीएबी के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारी बुधवार से पूर्वोत्तर की सड़कों पर हैं, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़पें हो रही हैं और इस क्षेत्र में अराजकता का माहौल है।

केंद्र सरकार ने इन क्षेत्रों में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है और सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है।

अन्तर्राष्ट्रीय

1 जनवरी से लोगों को मिलने लगेगी रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन

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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एलान किया कि उन्होंने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। साथ ही उनकी बेटी को इसका टीका भी लग गया है। इसके बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल था कि आम लोगों की पहुंच में ये दवा कब तक होगी।

बताया जा रहा है कि रूस में बनकर तैयार हुई कोविड-19 की वैक्सीन 1 जनवरी, 2021 से सिविलियन सकुर्लेशन में जाएगी यानि कि इसी दिन से इसकी पहुंच आम लोगों तक कराई जाएगी। रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि यहां के माइक्रोबायोलॉजी रिसर्च सेंटर गेमालेया और रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोविड-19 की वैक्सीन सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और शिक्षकों को दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम आम लोगों में चरणबद्ध तरीके से इसका उपयोग करना शुरू करेंगे। इसमें सबसे पहले उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी जो काम के सिलसिले में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं और ये चिकित्सा कर्मी हैं और यह उन्हें भी पहले मुहैया कराई जाएगी जो बच्चों की सेहत के लिए जिम्मेदार हैं यानि कि शिक्षक।”

रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन के उत्पादन के लिए गेमालेया रिसर्च सेंटर इंस्टीट्यूट और फार्मास्युटिकल कंपनी बिन्नोफार्म जेएससी इन्हीं दो जगहों का उपयोग किया जाएगा।

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