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हैदराबाद गैंगरेप केसः जानिए कौन हैं वीसी सज्जनार, जिनकी लोग कर रहे हैं तारीफ

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नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकांउटर में मार गिराया है। शुक्रवार को जैसे ही यह खबर आई लोगों ने इसपर खुशी जताई।

एनकांउटर के बाद लोगों का कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार के लिए इससे बढ़िया इंसाफ और कुछ नहीं हो सकता। यही नहीं घटनास्थल पर पहुंचे लोग पुलिस पर फूल बरसाते भी दिखे।

इस एनकाउंटर के बाद हर तरफ साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार की जमकर तारीफ हो रही है। आईए जानते हैं कौन हैं वीसी सज्जनार…

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचाने जाते हैं। पुलिस अधिकारी वीसी सज्जनार को महिला के खिलाफ अपराध करने वालों से सख्ती से निपटने के रूप में पहचाना जाता है।

तेलगाना के वारंगल में 2008 के जब एक कॉलेज की लड़की पर एसिड अटैक हुआ था तब उस मामले के 3 आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। उस पूरे ऑपरेशन में सीपी सज्जनार की मुख्य भूमिका थी और सीपी सज्जनार वारंगल के पुलिस मुखिया थे।

वारंगल केस में भी आरोपियों को ठीक इस घटना के तरह क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसके साथ ही हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार कई नक्सली मुठभेड़ में भी शामिल रहे हैं।

इन्हीं के चलते पुलिस की इस केस पर खास नज़र थी। घटना के तुरंत बाद उन्होंने कहा था कि वो आरोपियों को तुरंत पकड़ लेंगे। और हुआ भी वही. करीब 60 घंटे के अंदर ही पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। एक हफ्ते के बाद ही पुलिस ने इस घिनौने अपराध का अंत कर दिया।

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हाई कोर्ट ने दी जेएनयू के छात्रों को बड़ी राहत, पुरानी फीस पर होगा रजिस्ट्रेशन

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के स्टूडेंट को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान छात्रों को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल पुरानी फीस के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इन छात्रों से किसी भी तरह की लेट फीस भी नहीं ली जाएगी।

इससे पहले अदालत में सुनवाई के दौरान जेएनयू छात्र संगठन का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि फीस में बढ़ोतरी गैर कानूनी है। इसके साथ बताया गया कि जेएनयू की हाई लेवल कमेटी को होस्टल मैनुअल में बदलाव का अधिकार नहीं था।

जेएनयू प्रशासन ने जब कई छात्रों के फीस जमा करने की बात कही तो छात्रों की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि बच्चों ने दबाव में आकर डर के कारण फीस जमा की है।

कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रशासन को बढ़ी फीस वापस तो लेनी ही चाहिए जिन छात्रों से पैसे लिए हैं, उन्हें भी लौटाना चाहिए। उन्होंने ड्राफ्ट हॉस्टल मैनुअल पर कोर्ट से स्थगन की मांग भी की।

 

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