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गाजियाबादः बच्चों को मारने से पहले गुलशन ने किया था ये काम, जानकर कांप जाएगी रूह

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नई दिल्ली। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में मंगलवार को जींस कारोबारी द्वारा अपने बच्चों की हत्या करने के बाद पत्नी व महिला मैनेजर के साथ आत्महत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस बीच शुरूआती जांच में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो हैरान कर देने वाली हैं।

गाजियाबाद हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश में नई बातें सामने आ रही हैं। शुरूआती जांच में पता चला है कि गुलशन ने बेटे की हत्या चाकू से गला रेतकर की थी, वहीं बेटी की हत्या गला दबाकर की थी। पुलिस ने फ्लैट से हत्या में प्रयुक्त चाकू, रस्सी, सल्फास, सीरिंज और 3 गिलास में लिक्विड बरामद किया है। सीरिंज को पुलिस बच्चों की हत्याओं की एक बड़ी कड़ी मान रही है।

पुलिस के मुताबिक गुलशन ने हत्या से पहले दोनों बच्चों को इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया और फिर बेटे रितिक का धारदार चाकू से गला रेत दिया। वहीं बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके साथ ही खरगोश को भी मार दिया। इसी के बाद गुलशन ने अपने दोस्त रमेश अरोड़ा को वीडियो कॉल की।

पुलिस को गुलशन के फ्लैट के बाथरूम में सीरिंज मिली है। वहीं मौका-ए-वारदात सल्फास भी मिला है जिसपर पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आत्महत्या से पहले गुलशन उसकी पत्नी और महिला मैनेजर ने सल्फास खाया था कि नहीं।

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निकिता हत्याकांड: कांग्रेस विधायक का चचेरा भाई है आरोपी, दादा भी रह चुके हैं विधायक

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नई दिल्ली। हरियाणा के बल्लभगढ़ में सोमवार को दिनदहाड़े 21 साल की एक युवती की हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के वक्त छात्रा कॉलेज से अपने घर वापस जा रही थी। मुख्य आरोपी की पहचान सोहना रोड निवासी तौसिफ के रूप में हुई है और दूसरे आरोपी की पहचान नूंह जिले के रेहान के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे दो दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।

वहीं, जानकारी सामने आ रही है कि तौसिफ कांग्रेस विधायक का चचेरा भाई है जबकि उसके दादा भी विधायक रह चुके हैं। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद उसके चचेरे भाई हैं।तौसीफ और निकिता दोनों फरीदाबाद के एक स्‍कूल में साथ पड़े थे। निकिता 12वीं की बोर्ड टॉपर्स में थी और सिविल सविर्सिज एग्‍जाम की तैयारी कर रही थी। 2018 में स्‍कूल खत्‍म होने के बाद दोनों अलग-अलग कॉलेज में पढ़ने लगे। पुलिस के अनुसार, उसी साल तौसीफ ने निकिता का अपहरण किया था। मामला दर्ज हुआ था लेकिन पंचायत के बाद वापस ले लिया गया। निकिता के परिवार का आरोप है कि उनपर तौसीफ के रिश्‍तेदारों ने दबाव बनाया था। नूंह में तौसीफ के परिवार का दबदबा है और निकिता के परिवार को भरोसा दिया गया था कि तौसीफ आगे कुछ नहीं करेगा। लेकिन इसके बाद भी उसने इस घटना को अंजाम दे डाला।

पुलिस ने कहा, घटना सोमवार शाम को शाम चार बजे तब हुई, जब पीड़िता निकिता तोमर परीक्षा के बाद अग्रवाल कॉलेज से वापस आ रही थी। दो लोगों ने पीड़िता का अपहरण करने की कोशिश की, जब उसने विरोध किया तो एक आरोपी ने रिवॉल्वर से उसपर फायरिंग कर दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, कस्टडी रिमांड के दौरान, हत्या के लिए इस्तेमाल हथियार, वाहन इत्यादि को बरामद किए जाएंगे उनसे घटना के कारण का भी पता लगाया जाएगा। हालांकि पीड़िता के परिवार ने दावा किया है कि मुख्य आरोपी पीड़िता को पसंद करता था और वह उसका प्रपोजल बार-बार ठुकरा रही थी, जिससे गुस्से में आकर उसने पीड़िता की हत्या कर दी।

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