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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ की अचानक तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बता दें, परवेज मुशर्रफ दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं और पिछले तीन-चार साल से दुबई में ही रुके हुए हैं। इसके साथ ही परवेज मुशर्रफ को ब्लड प्रेशर से जुड़ी भी दिक्कतें हैं।

कुछ समय पहले भी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते दिनों ही पाकिस्तान की एक कोर्ट ने मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में इमरान सरकार की ओर से इस आदेश को टालने की मांग की गई थी।

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति 2016 से ही पाकिस्तान से बाहर हैं और दुबई में रह रहे हैं। परवेज मुशर्रफ के खिलाफ पाकिस्तान की कई अदालतों में केस चल रहे हैं, जिनका उन्हें सामना करना पड़ रहा है।

अदालतों के द्वारा परवेज मुशर्रफ को पेश होने के आदेश में दिए गए हैं, हालांकि हर बार वह वापस आने से मना ही करते रहे क्योंकि उन्हें डर है कि वतन लौटने के बाद उन्हें कई मामलों में सजा हो सकती है।

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कोरोना का अंत आया करीब, कोविड-19 को इस खतरनाक वायरस से मारेंगे वैज्ञानिक

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) से दुनियाभर में अबतक 83 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 14 लाख के पार हो गई है। इस बीच वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर आशा की किरण नजर आने लगी है।

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए ताजा शोध में पाया गया है कि मर्स वैक्सीन कोरोना संक्रमण को रोकने में बेहद कारगर साबित हो सकती है। चूहे पर किए गए इस वैक्सीन के परीक्षण में वैज्ञानिकों को सफलता मिली है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक एक चूहे को मर्स (मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) की हैवी डोज दी गई थी उससे कोरोना वायरस से निजात मिलने की आशा नजर आ रही है। बता दें कि मर्स कोरोना वायरस कोविड-19 से काफी मिलता जुलता है, जिसने इस समय पूरी दुनिया में कहर बरपाया हुआ है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया और यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा के शोधकर्ताओं ने दावा किया यह वैक्सीन कोशिकाओं में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए एक हानिकारक वायरस का इस्तेमाल करता है। इसके परीक्षण के बाद कोविड-19 समेत अन्य कोरोना वायरस बीमारियों के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने उम्मीद जगती है।

जर्नल एमबायो में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, यह वैक्सीन एक पैराइंफ्लूएंजा वायरस (पीआई5) है, जिसमें स्पाइक प्रोटीन होता है, जो मर्स कोशिकाओं को संक्रमित करने के लिए इस्तेमाल करता है। मर्स की घातक डोज देने के बावजूद जब चूहे पर इस वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया तो उसे कुछ नहीं हुआ।

यूनिवर्सिटी ऑफ लोवा के शोधकर्ता प्रोफेसर पॉल मैक्क्रे ने कहा, हमारा नया अध्ययन दर्शाता है कि पैराइंफ्लूएंजा वायरस को कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ उपयोगी वैक्सीन साबित हो सकती है। शोधकर्ता अब जानवरों पर पैराइंफ्लूएंजा वायरस आधारित वैक्सीन के ज्यादा इस्तेमाल कर अध्ययन की योजना बना रहे हैं क्योंकि मर्स और कोविड-19 दोनों ही कोरोना वायरस के कारण फैला है।

मर्स ज्यादा घातक है, लेकिन 2012 से यह वायरस फैलने के बाद से अब तक केवल 2,494 मामले सामने आए हैं। वहीं, वुहान में पिछले साल दिसंबर में फैले कोविड-19 वायरस से दुनियाभर में अब तक 70 हजार लोग मारे जा चुके हैं।

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