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अब मातोश्री में नहीं इस बंगले में रहेंगे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जल्द ही अपने बांद्रा स्थित निजी आवास ‘मातोश्री’ से अलग दक्षिण मुंबई स्थित मालाबार हिल के पॉश बंगले ‘वर्षा’ में रहने लगेंगे। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली। राज्य सरकार ने हालांकि सोमवार को यहां अधिसूचना जारी की, जिसमें इस संबंध में सभी अटकलों को खारिज कर दिया गया।

शिवसेना के एक नेता ने आईएएनएस को बताया, “हां, यह सही है। सीएम के शिफ्ट होने की उपयुक्त तारीख अभी तय नहीं की गई है। जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि संभावना है कि 23 जनवरी को ठाकरे बांद्रा से मालाबार हिल पहुंच सकते हैं। उसी दिन उनके पिता और शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाला साहेब ठाकरे की 94वीं जयंती होगी।

अधिसूचना के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री और हालिया नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़णवीस को नए मुख्यमंत्री के लिए 15 दिनों के अंदर ‘वर्षा’ बंगला खाली करने के लिए कहा गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि फड़णवीस को अब मालाबार हिल में ‘सागर’ बंगला आवंटित किया गया है।

इसके अलावा मंत्री छगन भुजबल को रामटेक, जयंत पाटिल को सेवासदन और एकनाथ शिंदे को रॉयलस्टोन बंगले आवंटित किए गए हैं। इनके अलावा अन्य तीन मंत्रियों के लिए भी जल्द ही बंगले आवंटित होने की उम्मीद है।

 

 

प्रादेशिक

शाहीन बाग पहुंचे दोनों वार्ताकार, प्रदर्शनकारियों को पढ़कर सुनाया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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नई दिल्ली। पिछले 67 दिनों से घरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन बुधवार को शाहीन बाग पहुंचे।

संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने शाहीन बाग के मंच पर पहुंचकर लोगों से कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से आपसे बातचीत करने आए हैं।

प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए संजय हेगड़े ने मंच से सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़कर भी सुनाया। उन्होंने कहा है कि प्रोटेस्ट की इजाजत सबको है लेकिन किसी को रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है।

साधना रामचंद्रन ने शाहीन बाग में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको प्रदर्शन करने का हक है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि आप आंदोलन कर सकते हैं।

लेकिन हक वहीं तक होना चाहिए, जहां दूसरों का हक न रुके। प्रदर्शन करना लोगों का हक है लेकिन रोड ब्लॉक करना, मेट्रो रोकना, पब्लिक वे रोकना सही नहीं है।

इस मामले का हल मिलकर निकालें। सरकार और प्रदर्शन पर बैठे लोगों को इसका हल निकालना है। ऐसा हल निकालें जो लोगों के लिए उदाहरण बने।

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