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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्वातरोहण अभियान दल को दिखाई हरी झंडी

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद, निम (नेहरू इन्स्टीटयूट ऑफ माउन्टनियरिंग) और एसडीआरएफ द्वारा सयुंक्त रूप से आयोजित पर्वतारोहण अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

गौरतलब है कि इस संयुक्त अभियान के तहत उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद, एसडीआरएफ व निम की सयुंक्त टीमों द्वारा हर्षिल वैली में स्थित हॉर्न ऑफ हर्षिल चोटी को लगभग 5, 6 दिन के भीतर फतह किया जाएगा।

उक्त अनाम चोटियों को अभी तक पर्वतारोहियों द्वारा फतह नही किया गया है। पर्वतारोही टीम को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्वतारोही दलों द्वारा पर्वतारोहण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण, पॉलीथीन के प्रयोग न करने व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म और अच्छे पर्यावरण के लिए जाना जाए, हमें इसके लिए लगातार अपने प्रयास जारी रखने होंगे। इस मौके पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. आशीष चौहान और प्रधानाचार्य निम कर्नल अमित बिष्ट भी मौजूद थे।

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एनकाउंटर के डर उज्जैन पुलिस के सामने गिड़गिड़ाता रहा विकास दुबे, बोला-मुझे यहीं जेल में डाल दो

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लखनऊ। यूपी के कानपुर के आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को यूपी एसटीएफ ने उसके अंजाम तक पहुंचा दिया है। अब विकास दुबे के मारे जाने के बाद इस केस को लेकर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। बता दें कि उज्जैन में महाकाल के दर्शन करते समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, इसके बाद जब उज्जैन पुलिस उसे यूपी एसटीएफ के हवाले करने जा रही थी तो वह बार-बार उनके सामने गिड़गिड़ा रहा था। विकास कह रहा था कि वह उसे यूपी एसटीएफ के हवाले न करें। उसे यही जेल में डाल दिया जाए। विकास को डर था कि जिस तरह एक-एक कर उसके साथियों का एनकाउंटर हो रहा है कहीं यूपी पुलिस उसका भी एनकाउंटर न कर दे।

विकास को छोड़ने जा रही टीम में शामिल एक जवान ने स्थानीय अखबार से बात करते हुए कहा है कि विकास लगातार डरा हुआ था। उसे पता था कि यूपी पुलिस के हाथ लगा तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। विकास को यूपी पुलिस के हवाले करने 16 जवानों की टीम गई थी। वह लगातार पुलिस की टीम से कहा रहा था कि मुझे उज्जैन जेल में ही डाल दो। एक जवान ने बताया कि वह उज्जैन में ही रखे जाने को लेकर रास्ते भर गिड़गिड़ा रहा था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान विकास दुबे पुलिस के सामने कई बार रोया था। उसने उज्जैन में अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी कि मुझे कोर्ट में पेशी को बाद उज्जैन जेल में ही भिजवा दो, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और वो अपने अंजाम तक पहुंच गया।

#VIKASDUBEY #UJJAINPOLICE #UPSTF

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