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उत्तराखंड

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सीेएम त्रिवेंद्र ने किया 575.18 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत कुल 575 करोड़ 18 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें दून लाईब्रेरी लागत 12 करोड़ 33 लाख, पलटन बाजार विकास लागत 13 करोड़ 10 लाख, वर्षा जल निकासी लागत 16 करोड़ 27 लाख, परेड़ ग्राउन्ड जीर्णोद्धार लागत 20 करोड़ 85 लाख, सीवरेज लागत 28 करोड़ 41 लाख, पेयजल संवर्धन व वाटर मीटरिंग लागत 32 करोड़ 59 लाख, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट लागत 56 करोड़ 63 लाख, स्मार्ट रोड लागत 190 करोड़ 54 लाख, इंटीग्रेटेड ऑिॅफस काम्प्लैक्स ग्रीन बिल्डिंग लागत 204 करोड़ 46 लाख के काम शामिल हैं।

तकनीक से होगी स्मार्ट सिटी की परिकल्पना साकार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि तकनीक के बिना स्मार्ट सिटी की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। सरकार, तकनीक के माध्यम से जनसुविधाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है। स्मार्ट दून के लिए पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से काम हुआ है। आने वाले समय में बदला हुआ दून दिखेगा। स्मार्ट दून की तरफ आगे बढ़ने में दून वासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

देहरादून में बनेगा इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर

मुख्यमंत्री ने देहरादून में इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर की घोषणा करते हुए कहा कि इसका नाम ‘सदैव दून’ होगा और 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व।अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन जिसे गुड गवर्नेंस दिवस के तौर पर मनाया जाता है, पर इसका शुभारम्भ किया जाएगा।

प्रमुख मार्गो पर होगी अंडरग्राउन्ड केबलिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के प्रमुख मार्गों पर अंडरग्राउन्ड केबलिंग की जाएगी। इसका टेंडर जल्द ही कर दिया जाएगा। सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा का काम शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। स्मार्ट सिटी के साथ ही स्मार्ट विलेज की सोच भी बनानी होगी। प्रदेश के चयनित राजकीय विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की सुविधा प्रारम्भ की गई है।

दूनवासियों का मिल रहा सहयोग

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जब कोई काम किया जाता है तो उसकी समालोचना होती है। परंतु लोगों का सहयोग भी मिलता है। दून में अतिक्रमण हटाने के लिए लोग स्वयं आगे आए। शहरी क्षेत्र में देश में तेजी से काम हो रहा है। हम भी यथासम्भव प्रयास कर रहे हैं। वेस्ट टू एनर्जी के कन्सेप्ट पर आगे बढ़े हैं। इसका परिणाम भी जल्दी ही देखने को मिलेगा।

दून की बनेगी अलग पहचान

देहरादून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में बड़े विस्तार पर काम किया जाना है। शहरवासियों को शुरू में कुछ असुविधा हो सकती हैं। परंतु जब काम पूरा हो जाएगा तो इससे सुविधा होगी। इससे दून की अलग पहचान बनेगी। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति में देहरादून में काफी प्रगति हुई है।
देहरादून मोस्ट प्रोग्रेसिव स्मार्ट सिटी

देहरादून स्मार्ट सिटी लि के अध्यक्ष रविनाथ रमन ने बताया कि स्मार्ट सिटी में देहरादून का चयन तीसरे चरण में किया गया था। दिसम्बर 2018 में 100 शहरों में से देहरादून की रैंकिंग 99 थी जो कि केवल 10 माह बाद ही 30 हो गई है। देहरादून को स्मार्ट सिटी में मोस्ट प्राग्रेसिव सिटी में पहला स्थान मिला है। सीईओ श्री आशीष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए स्मार्ट सिटी में संचालित कार्यों की जानकारी दी।

शिक्षण संस्थानों, रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटियों, संस्थाओं, पार्षदों को किया सम्मानित

इस अवसर पर प्लास्टिक वापसी अभियान में सराहनीय काम करने के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय, दिलाराम बाजार, जीआईसी खुड़बुड़ा, बालिका शिक्षा सदन जूनियर हाई स्कूल आनंद चौक को पुरस्कृत किया गया। इसी प्रकार छात्राओं कुमारी सलोनी, रोजी व नेहा को भी सम्मानित किया गया। स्वच्छ कॉलोनी वर्ग में केवल विहार व सिद्वार्थ पैराडाईज अपार्टमेंट पंडितवाड़ी को पुरस्कृत किया गया। महत्वपूर्ण सहयोग के लिए डा। महेश भण्डारी, गति फाउंडेशन के श्री अनूप नौटियाल, पार्षद श्रीमती अमिता गर्ग व श्री वीजेन्द्रपाल सिंह को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री हरबंस कपूर, श्री विनोद चमोली, श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्री खजानदास, श्री सहदेव सिंह पुण्डीर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डा।आर।के।जैन, श्री विनय गोयल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व गणमान्य आदि उपस्थित थे।

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उत्तराखंडः मुख्य सचिव ने की ऑल वेदर रोड योजना पर संबंधित जिलाधिकारियों से समीक्षा

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देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय सभागार से आज गुरूवार को ऑल वेदर रोड योजना की प्रगति पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जिलाधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने ऑल वेदर रोड योजना के भूमि अध्याप्ति, पर्यावरण एवं नये डम्पिंग जोन विषयक कई लम्बित प्रकरणों पर सम्बन्धित जिलाधिकारियों एवं वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत की।

उन्होंने परियोजना की कार्यदायी संस्थाओं सीमा सडक संगठन एन.एच.आई.डी.सी.एल के अधिकारियों एवं कार्यरत कंपनियों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना तथा उनके स्टोन क्रेशर एवं चिन्हित नये डम्पिंग जोन के प्रकरणों पर संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल प्राथमिकता से हल निकालने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऑल वेदर रोड में कार्यरत कार्यदायी संस्थायें माननीय उच्चतम न्यायालय की ओर से पर्यावरण नुकसान कम करने के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करें।

आज हुई समीक्षा बैठक में तीन जनपद यथा उत्तरकाशी, चमोली एवं रूद्रप्रयाग से कनेक्टिविटी न होने के कारण संबंधित जिलाधिकारियों से वार्ता नहीं हो पाई। मुख्य सचिव ने इन जिलाधिकारियों के साथ शीघ्र अलग बैठक कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना देश की राष्ट्रीय एवं सामरिक महत्व की परियोजना है, जिसको देखते हुए यदि कोई समस्या का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा हो तो उसका ठोस प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जाए।

मुख्य सचिव ने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में उत्तरकाशी में इको सेन्सटिव जोन क्षेत्र के अंतर्गत इंटरमीडियेट लेन सडक की डीपीआर कन्सलटेंट से तैयार कर सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, क्षेत्रीय अधिकारी सडक परिवहन मंत्रालय भारत सरकार वीरेन्द्र सिंह खैड़ा, अपर सचिव ऊर्जा आलोक शेखर तिवारी, अनु सचिव लोनिवि डीके पुनेठा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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