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लखनऊ में 9 नवंबर को आयोजित होगा ‘अंदाज ए बयां और’ कार्यक्रम

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लखनऊ। भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति, साहित्य और भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्साही व सम विचारधारा के लोगों के साथ विगत 10 वर्षों से दुबई स्थित ‘अंदाज ए बयां और’ के द्वारा कवि सम्मेलन एवं मुशायरों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में ‘अंदाज ए बयां’ एवं सद्भावना समिति, लखनऊ के तत्वाधान में आगामी 9 नवंबर को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर, लखनऊ में मुशायरा एंव कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

समिति की अध्यक्षता अपर्णा मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम में डॉ कुमार विश्वास, शबीना अदीब, तेज नारायण शर्मा, अनिल चौबे दिनेश बावरा, हेमंत पांडे, रमेश मुस्कान, सुदीप भोला और अंकिता सिंह जैसे नामचीन कवि और शायर भाग लेंगे। अपर्णा मिश्रा ने बताया कि ‘अंदाज ए बयां’ अपने मंच से नई प्रतिभाओं को हमेशा बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है।

इसी क्रम में महाराष्ट्र के जुबैर अली ताबिश अपनी प्रथम उपस्थिति दर्ज कराएंगे। साथ ही अनुभवी कवियों और शायरों की प्रतिभा व उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए उर्दू /हिंदी कविता और साहित्य के प्रति उनके योगदान के लिए स्व. प्रमोद तिवारी को इस वर्ष का ‘डॉ कैलाश नाथ मिश्रा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा।

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दिल्लीः शाहीन बाग में तिरंगा फहराकर मनाया गया गणतंत्र दिवस

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नई दिल्ली। आज के दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, “सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्द!”

इस बीच गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में भी तिरंगा फहराया गया है। यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे इलाके को तिरंगे के रंग से सजाया गया। बता दें कि धरने पर बैठे लोग लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। लोग सीएए कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

एक तरफ जहां शाहीन बाग में लगातार सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार इस कानून को लेकर सख्त है। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि वह इस कानून को वापस नहीं लेंगे, जिसे विरोध करना है करे।

गौरतलब है कि शाहीन बाग में 15 दिसंबर से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं। ये महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का लगातार विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि ये कानून उनके साथ भेदभाव करता है। वे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रही हैं। हालांकि, अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।

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