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अयोध्या केस पर फैसले से पहले CJI रंजन गोगोई ने DGP और चीफ सेक्रेट्री को किया तलब

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने यूपी के डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेट्री राजेंद्र तिवारी को तलब किया है।

रंजन गोगोई दोनों अफसरों से आज मिलेंगे। अयोध्या पर संभावित फैसले से पहले की तैयारियों को लेकर ये मुलाकात हो सकती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या के फैसले को देखते हुए सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है। सभी राज्यों को फैसले को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियां भेज रहा है। इन 40 कंपनियों में 4000 पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान शामिल होंगे।

अयोध्या विवाद पर फैसले को लेकर योगी सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर आ चुका है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षकों साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी है।

 

नेशनल

कोरोना वायरस से चीन में 9 की मौत, भारत में अलर्ट जारी

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बीजिंग। चीन में सार्स नाम के एक नए विषाणु से अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी हैं। शीर्ष नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे मामलों को दबाए नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस घातक बीमारी से लड़ने के लिये इसे अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य आपदा घोषित करने पर विचार विमर्श कर रहा है। वहीँ चीन में इससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 440 हो गई है।

भारत में अलर्ट

भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरपोर्ट्स को चीन से आने वाले यात्रियों की जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए सभी एयरपोर्ट्स को तुरंत लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिन यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है उसमें हांगकांग से भारत पहुंचने वाले यात्री भी मौजूद हैं।

सालों तक जिंदा रह सकता है ये वायरस

इस वायरस की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका वायरस कुछ माह से लेकर वर्षों तक भी जिंदा रह सकता है। इतना ही नहीं तापमान के अधिक गिरने पर भी यह वायरस जिंदा रह सकता है। इसके हवा में तेजी से फैलने की जानकारी भी कुछ जगहों पर सामने आई है। मल में इसका वायरस तलाशा जा चुका है और उस माहौल में यह करीब चार दिनों तक जिंदा रह सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो यह वायरस से ग्रसित रोगी के ठीक होने के बाद भी यह वायरस दोबारा हमला कर सकता है। इसके मुताबिक इस वायरस के संपर्क में आने के दो से दस दिनों के बाद व्‍यक्ति पर इसका असर दिखाई देने लगता है।

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