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पाकिस्तान: तेजगाम एक्सप्रेस में धमाके के बाद लगी आग, 65 लोगों की मौत

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रान्त में गुरुवार को कराची से रावलपिंडी जा रही एक ट्रेन में आग लग जाने से 65 यात्रियों की मौत हो गई है और कई घायल हो गए हैं। एक रेलवे अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि लियाकतपुर के शहरी इलाके के पास ट्रेन तेजगाम में आग लग गई।

अधिकारी ने कहा कि ट्रेन में सवार कोई यात्री अपने साथ गैस सिलेंडर लिए चल रहा था जिसमें विस्फोट होने के चलते यह दुर्घटना हुई। जानकारी के मुताबिक, यात्री ट्रेन में नाश्ता बना रहे थे जब विस्फोट हुआ। इस डिब्बे से जुड़े दोनों कोचों में भी भीषण आग लग गई। आग ने ट्रेन के तीन डिब्बों को तबाह कर दिया जिनमें दो इकोनॉमी श्रेणी के डिब्बे और एक बिजनेस श्रेणी शामिल थे।

पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद ने कहा, “खाना पकाने के दो स्टोव फट गए। खाना पकाया जा रहा था, पास में खाना बनाने का तेल था जिसने आग और भड़क गई।” उन्होंने आगे कहा, “जिस डिब्बे में यह दुर्घटना हुई उसमें ‘तबलीगी जमात’ के लोग यात्रा कर रहे थे। आग से बोगियों को बहुत नुकसान पहुंचा और वे शेष ट्रेन से अलग हो गईं।”

रशीद ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और अब इसे ठंडा करने का प्रयास जारी है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह इस साल पाकिस्तान में दूसरी बड़ी रेल दुर्घटना है। जुलाई में, लाहौर से क्वेटा जा रही अकबर बुगती एक्सप्रेस के पंजाब प्रांत के सदीकाबाद तहसील में वल्हार रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी से टकराने पर 24 लोगों की मौत हो गई थी।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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