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दोस्त की जान बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई लड़की, और फिर….

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली। जिम्बाब्वे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप भी कांप उठेंगे। यहां 11 वर्षीय लड़की अपनी दोस्त की जान बचाने के लिए बिना कुछ सोचे समझे मगरमच्छ से भिड़ गई।

लड़की की यह दिलेरी काम आई और उसकी दोस्त की जान बच गई। दरअसल, 9 साल की लाटोया मुवानी अपने दोस्तों के साथ गांव के नज़दीक एक नदी में तैर रही थी, तभी एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।

मगरमच्छ उसे खींच कर पानी में ले जा रहा था कि तभी उसकी चीख सुनकर 11 वर्षीय दोस्त रेबेका मुंकोंब्वे ने मगरमच्छ की पीठ पर छलांग लगा दी। मगरमच्छ ने लाटोया का हाथ और पैर पकड़ रखा था।

यह देखकर रेबेका मगरमच्छ से भिड़ गई और उसकी आंख पर तबतक हमला करती रही जबतक मगरमच्छ की पकड़ ढीली नहीं हुई।

रेबेका मुंकोंब्वे ने मीडिया को बताया कि, “हम सब दोस्त गांव के पास नदी में तैर रहे थे। तभी मगरमच्छ ने लाटोया पर हमला कर दिया। बच्चों में सबसे बड़ी मैं थी। इसलिए उसे बचाने के लिए मैं नदी में कूद गई।”

रेबेका ने कहा, “मगरमच्छ ने लाटोया का हाथ और पैर जकड़ रखा था। आजाद होते ही मैं उसके साथ किनारे पर तैरकर आ गई. मगरमच्छ ने हम पर दोबारा हमला नहीं किया।”

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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