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कश्मीर दौरे के बाद EU सांसदों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कही ये बड़ी बात

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के बाद बुधवार को यूरोपीय सांसद के डेलिगेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया को संबोधित करते हुए EU सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है।

हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे। अनुच्छेद 370 पर बात करते हुए सांसदों ने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। अगर भारत-पाकिस्तान को शांति स्थापित करनी है तो दोनों देशों को आपस में बात करनी होगी।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा EU सांसदों को नाजी लवर्स कहने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। सांसदों ने कहा कि अगर नाजी लवर्स होते तो होते तो हमें कभी चुना नहीं जाता।

सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं, आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे।

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निर्भया के दोषियों को इस दिन दी जा सकती है फांसी, सताने लगा मौत का डर

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नई दिल्ली। देश में बढ़ती रेप की घटनाओं को लेकर लोगों के अंदर गुस्सा है। पहले हैदराबाद में डॉक्टर दिशा की रेप के बाद जलाकर की गई हत्या हो या उन्नाव में रेप पीड़िता को जलाकर मार देना। लोग रेप के दोषियों के जल्द से जल्द फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच निर्भया को दोषियों को भी अपनी मौत का डर सताने लगा है। दरअसल दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने निर्भया के दोषियों की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजा है। अब अगर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दया याचिका को खारिज करते हैं तो दोषियों को सजा दी जाएगी।

निर्भया के दोषियों की दया याचिका खारिज होने के बाद अब उनकी फांसी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच फांसी की तारीख को लेकर भी कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिसमें दिसंबर 2019 का ही एक दिन फांसी के लिए तय बताया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निर्भया के दोषियों को उसी दिन सजा दी जा सकती है जिस तारीख को उसके साथ घिनौना कृत्य किया गया था जिसमें उसकी जान चली गई।

कहा जा रहा है कि निर्भया के दोषियों 16 दिसंबर को ही सुबह पांच बजे फांसी दी जा सकती है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी जेल प्रशासन ने नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि फांसी की तारीख लगभग तय है। तिहाड़ प्रशासन को सिर्फ जल्लाद मिलने की तलाश है। निर्भया से दुष्कर्म और हत्या के जुर्म में मौत की सजा पाए तिहाड़ में बंद दोषियों को फांसी के लिए अधिकारियों को जल्लाद नहीं मिल रहा है। सूत्रों ने बताया कि इसलिए अधिकारी जल्लाद की तलाश में देश की अन्य जेलों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों से इस बारे में अनौपचारिक बातचीत चल रही है।

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