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नवाज शरीफ की हालत नाजुक, अस्पताल में कराया गया भर्ती

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत गंभीर हो गई है और उनके बेटे ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को जेल में जहर दिया जा रहा है। समाचार पत्र डॉन ने यह जानकारी दी। नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के मामलों में वर्तमान में लाहौर के कोट लखपत जेल में सजा काट रहे हैं।

समाचार के अनुसार, नवाज शरीफ के बेटे हुसैन नवाज ने आरोप लगाया कि उनके पिता के शरीर से प्लेटलेट्स में कमी होने का कारण जहर देना भी हो सकता है।

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने लंदन से ट्वीट कर कहा, “जहर के लक्षण हैं। अगर नवाज शरीफ को कुछ होता है, तो आप जानते हो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।”

मंगलवार को आई उनकी मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, नवाज शरीफ की प्लेटलेट्स काउंट 16,000 से गिरकर 2,000 की नाजुक स्थिति में पहुंच गई थीं। सोमवार रात जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो मेडिकल बोर्ड के सदस्यों को उन्हें बचाने के लिए तत्काल उनके शरीर में प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ीं।

मंगलवार को, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अध्यक्ष और शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने नवाज से मुलाकात करने के बाद ट्वीट किया था, “मैंने आज अपने भाई से मुलाकात की। मुझे उनकी तेजी से बिगड़ती हालत की बहुत चिंता हो रही है। सरकार को उदासीनता छोड़ उनके स्वास्थ्य को देखना चाहिए। मैं पूरे देश से मियां साहिब के लिए दुआ करने की अपील करता हूं।”

 

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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