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गुजरात एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी, कमलेश तिवारी के हत्यारे गिरफ्तार

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नई दिल्ली। हिंदू महासभा के पूर्व नेता व हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या मामले में गुजरात आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) ने मंगलवार को कहा कि उसने दो मुख्य आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे राजस्थान से गुजरात में प्रवेश कर रहे थे।

गुजरात पुलिस के अनुसार, एटीएस ने जिन दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अशफाक हुसैन जाकिर हुसैन शेख (34) और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान (27) के रूप में की गई है। दोनों गुजरात-राजस्थान सीमा स्थित सूरत के शामलजी के रहने वाले हैं।

एटीएस ने कहा कि दोनों उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से नेपाल पहुंचे और वहां से राजस्थान होते हुए गुजरात में प्रवेश कर रहे थे।एटीएस अधिकारियों ने कहा कि शेख मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता है, जबकि पठान फूड डिलिवरी ब्यॉय (खाना पहुंचाने वाला) का काम करता है।

हत्या के कारण के बारे में एटीएस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि उन्होंने तिवारी के आपत्तिजनक बयान के प्रतिशोध में इस अपराध को अंजाम दिया।

डीआईजी हिमांशु शुक्ला के नेतृत्व वाली गुजरात एटीएस टीम ने कहा कि दोनों को परिवार के सदस्यों से पूछताछ और तकनीकी व फिजिकल सर्विलांस के आधार पर पकड़ा गया। दोनों को यूपी पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।

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महाराष्ट्र के मंत्री अशोक चव्हाण ने जीती कोरोना से जंग, अस्पताल से मिली छुट्टी

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मुंबई। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना से जंग जीत ली है। अब ठीक होकर अस्पताल से वापस अपने घर आ गए हैं। गुरुवार को पार्टी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का कोविड -19 परीक्षण पॉजिटिव आया था, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। 24 मई को उनके गृह स्थान नांदेड़ में और फिर उसके अगले दिन मुंबई के एक निजी अस्पताल में उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था।

उपचार पूरा होने के बाद चव्हाण को गुरुवार दोपहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार वह अभी भी क्वारंटीन में रहेंगे।

चव्हाण, कैबिनेट के दूसरे सदस्य हैं, जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ। इससे पहले अप्रैल में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड संक्रमित पाए गए थे।अव्हाड ने क्वारंटीन में समय बिताया और फिर उन्हें एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उसके बाद भी वह घर पर आइसोलेशन में रहे। मई के आखिर से उन्होंने अपनी मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारियों को फिर से संभालना शुरू किया था।

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