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खेल-कूद

भारतीय बॉलरों के आगे फिर फेल हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज

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नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के सामने परेशानी में पड़ गए हैं। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को पहले सत्र का खेल खत्म होने तक मेहमान टीम ने अपने छह विकेट 129 रनों पर खो दिए हैं। भोजनकाल की घोषणा तक जॉर्ज लिंडा 10 और डीन पीट चार रन बनाकर खेल रहे हैं।

अभी तक दक्षिण अफ्रीका के लिए जुबेर हमजा ही भारतीय गेंदबाजों का कुछ हद तक सामने करने में सफल रहे। उन्होंने 79 गेंदों पर 10 चौके और एक छक्के की मदद से 62 रनों की पारी खेली। उन्हें रवींद्र जडेजा ने अपना शिकार बनाया।

हमजा दूसरे दिन नाबाद लौटे थे। उनके साथ कप्तान फाफ डु प्लेसिस (1) रन बनाकर नाबाद थे। तीसरे दिन इन दोनों ने दक्षिण अफ्रीका को दो विकेट के नुकसान पर नौ रनों के स्कोर से आगे बढ़ाया।

डु प्लेसिस को हालांकि दिन के पांचवीं गेंद पर उमेश यादव ने बोल्ड कर दिया। हमजा ने अपना खाता खोला और फिर भारतीय गेंदबाजों से अकेले लोहा लेने लगे। हमजा को टीम के उप-कप्तान टेम्बा बावुमा का कुछ साथ मिला और दोनों ने कुछ हद तक टीम को संभाला। इन दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी हुई। जडेजा ने 107 के कुल स्कोर पर हमजा को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा।

अपना पदार्पण टेस्ट मैच खेल रहे शहबाज नदीम ने अपनी फिरकी से इस साझेदारी के दूसरे सिपाही बावुमा को पवेलियन भेजा। हमजा के आउट होने के बाद अगले ओवर में नदीम की गेंद पर बावुमा चूक गए और रिद्धिमान साहा ने उन्हें स्टम्पिंग करने में कोई गलती न करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पांचवां झटका दिया। इसी के साथ नदीम ने टेस्ट में अपना विकेट का खाता खोला।

इस मैच में टीम में आए हेनरिक क्लासेन सिर्फ छह रन बना सके। जडेजा ने उन्हें 119 के कुल स्कोर पर बोल्ड किया। भारत के लिए अभी तक उमेश यादव और जडेजा दो-दो विकेट ले चुके हैं। मोहम्मद शमी और नदीम के हिस्से एक-एक सफलता आई है। रविचंद्रन अश्विन अभी तक खाली हाथ हैं।

खेल-कूद

पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को पड़ा दिल का दौरा, दिल्ली के अस्पताल में करवाई एंजियोप्लास्टी

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नई दिल्ली। भारत को 1983 का क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलवाने वाले दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव को दिल का दौरा पड़ा है जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में एंजियोप्लास्टी करवाई है।

फिलहाल वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। कपिल देव की यह खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य लाभ को लेकर दुआओं का सिलसिला शुरू हो गया है। यूजर उनके जल्छ ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 में पहला वर्ल्ड कप जीता था। कपिल देव एक बेहतरीन ऑलराउंडर रहे हैं।

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