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यूपी प्रदेश अध्यक्ष बनते ही अजय कुमार लल्लू ने साधा योगी सरकार पर निशाना, कही ये बात

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। अजय कुमार आगरा जेल में बंद छात्र नेता गौरव शर्मा में मिलने पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कहा कि इस सरकार ने आपातकाल जैसे हालात कर दिए हैं, और यह सरकार राजनीति की पाठशाला को खत्म करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि “भाजपा छात्रों और छात्र राजनीति की आवाज को दबा रही है। यह सरकार छात्र नेताओं से डर गई है। इसीलिए पूरे प्रदेश में छात्रों की आवाज को कुचलना चाहती है और राजनीति की पाठशाला छात्रसंघ को खत्म करना चाहती है।”

उन्होंने कहा, “उप्र सरकार छात्रसंघ से डर रही है। इसीलिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय, कानपुर विश्वविद्यालय, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं आगरा विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली एवं अन्य मुद्दों पर आवाज उठा रहे छात्र नेताओं के आन्दोलन को अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही पूर्ण तरीके से कुचला जा रहा है। छात्र-छात्राओं को जेल में डाला गया है। जबरन आमरण अनशन समाप्त कराया गया और गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई, जो इनकी छात्र विरोधी मानसिकता का प्रमाण है।”

अजय कुमार ने कहा कि पार्टी कारागार में बंद छात्र नेता के साथ है। सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। राम मंदिर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी थे। जेल सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया तो उन्होंने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी भी की।

ज्ञात हो कि गौरव शर्मा एनएसयूआई के कार्यकर्ता हैं। शुक्रवार को डॉ. बी.आर. आंबेडकर विवि के 85वें दीक्षांत समारोह में आए मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के काफिले को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे। मौके से बाकी कार्यकर्ता तो भाग निकले, लेकिन पुलिस ने छात्र नेता गौरव शर्मा को हिरासत में ले लिया था।

 

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निर्भया के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की क्यूरेटिव याचिका

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नई दिल्ली। निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर दी है। याचिका में पवन की तरफ से फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की है।

इससे पहले इस केस में बाकि के तीन दोषियों की पिटीशन भी खारिज हो चुकी है। बता दें कि केवल पवन के पास ही कानून विकल्प बचे हैं बाकि सभी के पास दोषियों के पास फांसी से बचने के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं।

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस घटना में दोषियों ने पीड़िता के प्राइवेट में रॉड तक डाल दी थी। इस भयावह घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस घटना की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी। वहीं निर्भया के एक दोषी राम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी।

 

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