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जापान में हगिबीस तूफान से भारी तबाही, पीएम मोदी ने जताई संवेदना

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नई दिल्ली। जापान में भीषण तूफान हगिबीस ने शनिवार भयंकर तबाही मचाई है। इस तूफान से जापान में अब 14 से ज्यादा लोगों की जान चली गई जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

आपको बता दें कि हालात को देखते हुए 70 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दी गई है लेकिन केवल 50 हजार लोगों ने ही अपने छोड़े हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तूफान जापान की राजधानी टोक्यो की ओर लगभग 216 किमी की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तूफान से जापान के लगभग 36 हजार घर प्रभावित हुए हैं।

जापान में आई इस प्राकृतिक आपदा पर संवेदना प्रकट की है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि जापान की मुश्किल की इस घड़ी में भारत उनके साथ खड़ा है।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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