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प्रादेशिक

कांग्रेस में शामिल हुईं अलका लांबा

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देने के बाद पूर्व विधायक अलका लांबा ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको की मौजूदगी में अलका ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

आपको बता दें कि अलका शुक्रवार को ही कांग्रेस में शामिल होने वाली थीं लेकिन कुछ कारणों से वे कांग्रेस में शामिल नहीं हो सकीं। अलका लांबा ने कांग्रेस पार्टी के अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस की सदस्या ग्रहण की। अलका लांबा ने इस संबंध में एक ट्वीट भी किया है। अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस सदस्य बनने पर गर्व महसूस कर रही हूं।

पार्टी छोड़ने के बाद दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा की सदस्यता रद्द कर दी थी। अलका लांबा की सदस्यता 6 सितंबर को रद्द हुई थी।

आप से इस्तीफा देने का ऐलान करने के बाद अलका लांबा ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गंधी से मुलाकात भी की थी जिसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगने शुरू हो गए थे।

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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