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14 साल में 6 लोगों की सायनाइड देकर की हत्या, इस तरह दिया वारदात को अंजाम

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कोझिकोड। केरल के कूदाताई में कई हत्याओं की प्रमुख आरोपी और कथित सीरियल सायनाइड किलर जॉली अम्मा जोसफ की एक झलकी पाने के लिए थामरास्सेरी में मजिस्ट्रेट कोर्ट में लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। फर्स्ट क्लास न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुरुवार को जॉली और उसके दो साथियों को 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अन्य दोनों आरोपियों ने उसे सायनाइड मुहैया कराया था। तीनों को जॉली के पहले पति रॉय थॉमस की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने फिलहाल जॉली के खिलाफ सिर्फ यही मामला दर्ज किया है। पुलिस ने हालांकि कोर्ट को बताया कि वह तीनों आरोपियों की 11 दिनों की हिरासत चाहती है क्योंकि वे जॉली के साथ पांच अन्य हत्याओं में भी संदिग्ध हैं क्योंकि जॉली का संबंध सभी हत्याओं से है।

पुलिस ने कहा कि सभी मौतें विषाक्त पदार्थ के सेवन के कारण हुईं थीं और विस्तृत पूछताछ करने और कुछ स्थानों से सबूत इकट्ठे करने की जरूरत है। कोर्ट ने हालांकि सिर्फ छह दिन की हिरासत दी और जमानत पर सुनवाई सोमवार को शाम पांच बजे सुनिश्चित कर दी। कोर्ट परिसर में भारी भीड़ होने के कारण जॉली को कोर्ट लाने और वहां से ले जाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उसे भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट ले जाया गया।

जॉली अभी भी इसी बात पर कायम है कि वह एनआईटी कोझिकोड में एक प्रवक्ता थी और पुलिस ने भी अपने हलफनामें में इसका उल्लेख किया है। परिवार में पहली मौत 2002 में थॉमस की मां और जॉली की सास सेवा निवृत्त शिक्षिका अन्नम्मा के रूप में हुई। उनके बाद जॉली के ससुर टॉम थॉमस की 2008 में मौत हुई। साल 2011 में जॉली के पति रॉय थॉमस की भी हत्या हो गई, जिसके बाद रॉय के मामा मैथ्यू की 2014 में हत्या हुई।

इसके अगले साल एक रिश्तेदार सिली का दो वर्षीय बेटा मारा गया, वहीं सिली की मौत 2016 में हो गई। रॉय थॉमस के भाई रोजो द्वारा पुलिस अधीक्षक को लगातार हुईं संदिग्ध मौतों के संदर्भ में संदेह व्यक्त करने के बाद पुलिस हरकत में आई। रोजो अब अमेरिका में रहते हैं।
केरल पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने तिरुवनंतपुरम में मीडिया को बताया कि उन्होंने देश और विदेश के वर्तमान और सेवानिवृत्त सबसे वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञों से बात की है।

बेहरा ने कहा, “फिलहाल मैंने इन विशेषज्ञों से राय मांगी है, एक बार हम कोर्ट में सैंपल सौंप देंगे, तो वे हमें दोबारा नहीं मिलेंगे। इस मामले में हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।” बेहरा ने जांच टीम में कर्मियों की संख्या भी बढ़ाकर 35 कर दी है, जिनमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी हैं। जांच के लिए छह टीमों का गठन किया गया है, प्रत्येक मौत के लिए एक टीम।

इसी संबंध में लापता चल रहा इडुक्की जिला में कट्टापना का एक स्थानीय ज्योतिषी लौट आया है। जॉली यहीं की रहने वाली है। मीडिया से उसने कहा कि वह कहीं छिपा नहीं था और उसे याद नहीं कि वह जॉली और उसके पति से कब मिला था। पुलिस ने रोजो को जांच में सहायता करने के लिए भारत लौटने के लिए कहा है।

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झाड़ू से फैल सकता है कोरोना, एम्स के डॉक्टर का दावा

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नई दिल्ली। एम्स में सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्‍टर अनुराग श्रीवास्तव ने झाड़ू इस्तेमाल से कोरोना के संक्रमण की बात कही है। उन्होंने कहा कि झाड़ू के इस्तेमाल और खुले में कचरा रखने से भी कोरोना संक्रमण बढ़ जाता है। वायरस 3 से 5 दिनों तक कहीं भी रहता है। यहां तक कि अगर एक संक्रमित व्यक्ति छींकता है या खांसी करता है, तो उसके शरीर से निकलने वाले वायरस के कण आसपास के क्षेत्र में फैल जाते हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर कचरे को डंप करने पर ये कण धूल भरी मिट्टी में फैल जाते हैं। अगर इस समय कोई व्यक्ति यहां से गुजरता है, तो वायरस इनहेलेशन की मदद से व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। यह वायरस को फैलाने में मदद करता है। डॉक्टर ने 2 अक्टूबर को झाड़ू के बजाय सफाई अभियान में एक वैक्यूम क्लीनर का उपयोग करने की अपील की है।

डॉक्टरों के मुताबिक, लोगों को कोरोना से जुड़े कचरे, मास्क, दस्ताने, पीपीई किट को खुले में नहीं रखना चाहिए। इनको कचरे को एक बैग में बंद करें और इसे 3 दिनों तक एक जगह नी रख दें। इसके बाद इसे सही जगह पर ले जाएं और फेंक दें। ऐसा करने से संक्रमण को होने से रोका जा सकेगा।

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