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सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर कह दी ऐसी बात, जानकर रह जाएंगे हैरान

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नई दिल्ली। यूपीए सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोमवार को सलमान खुर्शीद ने मौजूदा समय में पार्टी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कांग्रेस इस समय संघर्ष के दौर से गुजर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में होने जा रहे चुनाव में पार्टी के जीतने की संभावना ही नहीं है। भारत के पूर्व विदेश मंत्री, सलमान खुर्शीद ने कहा कि न केवल आगामी राज्य विधानसभा चुनाव बल्कि कांग्रेस पार्टी की हालत ऐसे स्तर पर पहुंच गई है कि यह अपना भविष्य तक नहीं तय कर सकती है।

आपको बता दें कि समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को दिए एक इंटरव्यू के दौरान सलमान खुर्शीद ने यह बयान दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस को मुश्किलों का सामना इसलिए करना पड़ रहा है कि अब तक पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों में मिली हार से बाहर नहीं निकल पा रही है।

लोकसभा चुनावों पर बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी जल्दबाजी में पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ गए। उनकी मां सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतिरम अध्यक्ष बनाया गया। अक्टूबर में राज्यों में चुनाव निपटने के बाद ही नए पार्टी अध्यक्ष पर फैसला किया जाएगा।

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कोरोनाः भारत में लॉकडाउन न होता तो इतने लाख हो सकते थे संक्रमित, शोध में हुआ खुलासा

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है। इस जानलेवा वायरस से अब तक 48 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भारत में भी हाल के दिनों में इस वायरस ने तेजी से अपने पांव पसारे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े के मुताबिक कोरोना वायरस से अबतक 1965 लोग संक्रमित पाए गए हैं जबकि 151 लोगों का इलाज कर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस बीच लॉकडाउन को लेकर हुए शोध में एक नई बात सामने आई है।

एक शोध के मुताबिक लॉकडाउन के 20वें दिन तक कोरोना वायरस के संभावित मामलों में 83 फीसदी तक कमी आ सकती है। यूपी के शिव नादर विश्वविद्यालय के इस अध्ययन से इस वायरस से लड़ने को लेकर उम्मीद जगी है।

अध्ययन के मुताबिक बंद की वजह से संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को एक या दो दिन में ही अलग किया जा रहा है। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि अगर लॉकडाउन न होता तो संक्रमित लोगों की संख्या 2 लाख 70 हजार 360 तक पहुंच जाती और 5407 लोगों की मौत हो जाती। शिव नादर विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर समित भट्टाचार्य के मुताबिक हम यह भी मानते हैं कि इससे 80 से 90 फीसदी लोग सामुदायिक दूरी में रह रहे हैं।

भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की आशावादी स्थिति में हमने अनुमान लगाया है कि लॉकडाउन के पहले दिन से लेकर 20वें दिन तक में लक्षण दिखने वाले 83 फीसदी मामले कम हो सकते हैं। यानी इस तरह से संभावित 30,790 में से 3,500 लोग ही संक्रमित होंगे और 619 संभावित मौतों में से 105 ही मौत होंगी। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1965 तक पहुंच गई है जबकि मरने वालों की संख्या 50 है।

अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि देश में बंद की वजह से संक्रमण का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचार होने की गति धीमी होगी और संक्रमण के मामले कम होंगे।

विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर नागा सुरेश विरापु ने कहा कि हमारा अनुमान इस ओर इशारा करता है कि भारत में अगले 10 से 20 दिन में 5000 से 30,790 तक लक्षण वाले मामले हो सकते हैं।

 

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