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देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने शेहला राशिद को दी बड़ी राहत

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नई दिल्ली। कश्मीर की युवा नेता शेहला राशिद पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दी है। गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बाद कोर्ट का रुख करने वाली शेहदा को पटियाला हाउस कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण दिया है।

आपको बता दें कि शेहला पर जम्मू कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बयान देने के बाद उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के वकील आलोक श्रीवास्तव की शिकायत पर एक आपराधिक शिकायत के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। शेहला जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) से पीएचडी कर रही हैं।

शेहला के खिलाफ कश्मीर घाटी में कथित रूप से सैन्य कार्रवाई की गलत सूचना ट्वीट करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए(देशद्रोह), 153-ए(दुश्मनी को बढ़ावा देना), 504 (जानबूझकर शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने) और 505(उपद्रव करवाने के लिए बयान देने) के तहत मामला दर्ज कराया गया था।

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मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन बोले-बाबर ने बनवाया था मंदिर

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नई दिल्ली। अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनावाई के 28वें दिन मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अदालत में बाबरनामा का हवाला दिया।

राजीव ने कहा कि वहां मंदिर ही बाबर ने बनाया था। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि हिन्दू पक्षकार तो गजेटियर का हवाला अपनी सुविधा के मुताबिक दे रहे हैं, लेकिन गजेटियर कई अलग अलग समय पर अलग नजरिये से जारी हुए थे। लिहाजा सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि बाबर ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई।

राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल के इस विचार से भी इत्तेफाक नहीं रखता, जो कहीं रिपोर्ट को मान रहे हैं और कहीं नहीं। इस पर जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि कई पुरानी मस्जिदों में संस्कृत में भी कुछ लिखा हुआ मिला है। वो कैसे?

जज के सवाल का जवाब देते हुए राजीव धवन ने कहा कि क्योंकि बनाने वाले मजदूर कारीगर हिंदू होते थे तो वे अपने तरीके से इमारत बनाते थे।

बनाने का काम शुरू करने से पहले वो विश्वकर्मा और अन्य तरह की पूजा भी करते थे और काम पूरा होने के बाद यादगार के तौर पर कुछ लेख भी अंकित करते थे।

 

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