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इसरो ने दी अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी, चांद पर सही सलामत है विक्रम लैंडर

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नई दिल्ली। चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को लेकर इसरो ने देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। इसरो के मुताबिक विक्रम लैंडर पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है।

इसरो के अधिकारी ने बताया कि हम लैंडर के साथ संचार को फिर से स्थापित करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक विक्रम लैंडर में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है जिससे यह कई काम खुद ही कर सकता है।

जानकारी के मुताबिक अगर वैज्ञानिक लैंडर से संपर्क स्थापित कर लेते हैं तो विक्रम दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। आपको बता दें कि 8 सिंतबर की मध्य रात्रि चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग से कुछ समय पहले विक्रम लैंडर का संपर्क इसरो केंद्र से टूट गया था।

इसके अगले दिन यानी 8 सितंबर को इसरो के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की लोकेशन खोज निकाली थी। इसरो द्वारा जारी बयान के मुताबिक उनके पास विक्रम से संपर्क साधने के लिए 12 दिन का समय है।

अगर इन 12 दिनों में विक्रम से संपर्क कर लिया जाता है तो वैज्ञानिकों के तय कार्यक्रम में मुताबिक विक्रम चांद पर दोबारा अपना काम शुरू कर देगा।

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सियाचिन में हिमस्खलन से 4 जवान शहीद

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नई दिल्ली। दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के एक प्रेट्रोलिंग टीम के तूफान में फंसने के कारण 4 जवान शहीद हो गए हैं। सियाचिन ग्लेशियर से यह दिल दहलाने वाली घटना से सेना के परिवार समेत देश में सभी आहत है।

ये सभी जवान बर्फीले तूफान में फंस गए उस समय जब 8 सदस्यीय टीम प्रेट्रोलिंग कर रही थी। यह घटना आज तड़के 3.30 बजे की है। इसके अलावा इस बर्फीली तूफान ने 2 नागरिकों की भी मौत हो गई है।

18,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचीन ग्लेशियर में भारतीय जवान अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात तैनात रहते हैं। इस क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना होती रहती है।

एक बर्फीले तूफान की चपेट में आने के बाद रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई। सभी जवानों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। जहां 4 जवानों ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। अन्य 7 लोगों को बचाने के लिये डॉक्टर्स की टीम लगातार गहन चिकित्सा कर रही है। लेकिन सभी का हालात गंभीर बताई जा रही है।

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