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अन्तर्राष्ट्रीय

फैक्ट चेकः बटाला का नहीं इस जगह का है धमाके का ये वीडियो

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह पंजाब के बटाला में हुए पटाखा फैक्ट्री के धमाके का वीडियो है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक इलाके में अचानक एक तेज बम धमाका हो जाता है। इस वीडियो को अबतक कई लोगों द्वारा बटाला का बताकर शेयर किया जा चुका है।

(वायरल वीडियो यहां देखा जा सकता है)

आज की खबर की टीम के पास जब ये वीडियो पहुंचा तो हमने वीडियो के दावे की पड़ताल शुरू कर दी। पड़ताल में हमने पाया कि वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है।

दरअसल, ये वीडियो भारत का नहीं बल्कि सीरिया का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाके का यह वीडियो सीरिया के अलेप्पो शहर का है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये भीषण धमाका मई 2014 में सीरिया के अलेप्पो में स्थित Carlton Citadel होटल में हुआ था। इस होटल को सीरिया के सैनिक मिलिट्री बेस के तौर पर इस्तेमाल करते थे।

धमाके में कई लोगों के मारे जाने की खबर थी। उस समय छपी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमला सीरिया के कुछ बागियों ने किया था। हमारी पड़ताल में वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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