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एनआरसी के खिलाफ ममता सरकार का प्रस्ताव बंगाल विधानसभा में पारित

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया। बीजेपी को छोड़कर सभी विपक्षी दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया जिससे विधानसभा ये प्रस्ताव पारित हो गया।

वहीं बीजेपी विधायक स्वाधीन सरकार ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाते हुए बंगाल में भी एनआरसी की मांग की है।जानकारी के मुताबिक 12 सितंबर को ममता बनर्जी असम का दौरा कर एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकती हैं। फिलहाल ममता इस मुहिम के लिए विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की कोशिश में हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले ममता ने एनआरसी से गोरखा समुदाय के 100,000 से ज्यादा लोगों के बाहर होने पर हैरानी जाहिर की थी। ममता ने कहा था कि एनआरसी से हजारों भारतीय बाहर हो गए हैं।

ममता बनर्जी ने 1 सितंबर को एक के बाद एक कई ट्वीट कर सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की थी कि असली भारतीय सूची से बाहर नहीं हों और उन्हें न्याय सुनिश्चित किया जाए।

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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