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क्या ओबामा करने लगे हैं प्राइवेट जॉब? तस्वीर की सच्चाई जानें यहां….

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। फोटो को लेकर दावा किया जा रहा है कि दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा अब प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं।

तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा गया है, “अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब एक प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं, इंडिया में तो एक बार विधायक बन गए तो पांच पीढ़ी बैठ कर खाती है।”

Dinesh Thakur ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಭಾನುವಾರ, ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 1, 2019

हमने जब इस तस्वीर की पड़ताल की तो पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। बराक ओबामा की तस्वीर प्राइवेट जॉब के दौरान की नहीं है और न ही ताजा है।

दरअसल, ओबामा ने खुद ये तस्वीर साल 2012 में डाली थी। उस समय ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। ओबामा ने 30 अगस्त 2012 को ये तस्वीर ट्विटर पर डाली थी।

इस दिन ओबमा ने सोशल मीडिया वेबसाइट Reddit पर “Ask me anything” (मुझसे कुछ भी पूछो) नाम का एक सेशन रखा था। इस सेशन में वे आम जनता के सवालों का जवाब दे रहे थे। हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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