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आध्यात्म

गणेश चतुर्थीः इस शुभ मुहूर्त में करें मूर्ति स्थापना

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नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी आज यानी 2 सितम्बर धूमधाम से पूरे देश में मनाया जा रहा है। आज के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने पर भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों को विशेष फल मिलता है। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त कब है।

गणेशजी की प्रतिमा को 2 सितंबर को विधि विधान से घर में स्थापित किया जाएगा। 9 दिनों तक विधिवत पूजा अर्चना के बाद 10 वें दिन यानि 12 सितंबर को मूर्ति विसर्जन कर दिया जाएगा।

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश जी का जन्म भादप्रद माह के शुक्ल पक्ष कि चतुर्थी को हुआ था। इस वर्ष यह दिन 2 सितंबर 2019 को पड़ रहा है। मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर का समय पूजा अर्चना के लिए बड़ा ही शुभ माना जाता है।

इस वर्ष 2 सितंबर गणेश चतुर्थी की पूजा की अवधि 2 घण्टे 32 मिनट तक रहेगी। गणेश पूजा का शुभ मुहर्त सुबह 11 :04 से दोपहर 13 :37 तक रहेगा।

गणेश जी की मूर्ति स्थापना के बाद मूर्ति के सामने दिया जलाए। इसके बाद गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं। ऐसा आप लगतार नौ दिन तक करें और 10वें दिन विधिपूर्वक गणपति जी की मूर्ति विसर्जित कर दें।

कृपालु महाराज

जेकेपी ने की 10 हजार लोगों की मदद, बांटी दैनिक उपयोगी वस्तुएं

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मनगढ़। जगद्गुरु कृपालु परिषत् द्वारा वर्ष भर लोकोपकारी गतिविधियां चलाई जाती हैं। संस्था द्वारा वर्ष में अनेक बार निर्धन व्यक्तियों, अनाश्रित महिलाओं व अभावग्रस्त विद्यार्थियों को दैनिक उपयोगी वस्तुएं दान-स्वरूप प्रदान की जाती हैं। इन लोकोपकारी गतिविधियों को नई राह प्रदान करते हुए दिनांक 4 अगस्त 2019 को भक्ति धाम, मनगढ़ द्वारा मनगढ़ एवं आस-पास के अभावग्रस्त क्षेत्र के निर्धन ग्रामवासियों को दैनिक उपयोगी वस्तुओं का निःशुल्क वितरण किया गया।

जगद्गुरु कृपालु परिषत् की अध्यक्षाओं सुश्री डाॅ विशाखा त्रिपाठी जी, सुश्री डाॅ श्यामा त्रिपाठी जी एवं सुश्री डाॅ कृष्णा त्रिपाठी जी द्वारा निःशुल्क वितरण के अन्तर्गत लगभग 10,000 निर्धन गरीबों को एक-एक स्टील का भगोना एवं तकिया प्रदान की गई। सम्पूर्ण कार्यक्रम राधे गोविन्द, गोविन्द राधे के मधुर संकीर्तन के मध्य सम्पन्न हुआ। इससे पूर्व 27 मार्च 2019 को लगभग 10,000 निर्धन ग्रामवासियों को एक-एक स्टील की परात, तौलिया एवं टाॅर्च प्रदान की गई।

संस्था के तीन प्रमुख केंद्रों (मनगढ़, बरसाना व वृन्दावन) में निर्धन वर्ग की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए अनेक वर्षों से इस प्रकार के वितरण कार्य संपन्न किए जाते रहे हैं। जेकेपी का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में रह रहे निर्धनों की दैनिक जरूरतें पूरी करना है ताकि उनका जीवन सुचारु रूप से चल सके। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की सुपुत्रियाँ डॉ विशाखा त्रिपाठी, डॉ श्यामा त्रिपाठी और डॉ कृष्णा त्रिपाठी जो जेकेपी की अध्यक्ष भी हैं, महाराज जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए उन्हीं की तरह निरन्तर सामाजिक उत्थान के कार्यों में पूरी तरह से समर्पित हैं।

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