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अनुच्छेद 370 पर भारत के समर्थन में आया रूस, कहा- ये भारत का आंतरिक मामला

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नई दिल्ली। भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है। रूसी राजनयिक निकोले कुदाशेव ने बुधवार को अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हुए कहा कि यह भारत सरकार का संप्रभु निर्णय है, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है।

कश्मीर मसले को भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला और लाहौर समझौते के तहत हल किया जा सकता है। हमारे विचार बिल्कुल भारत जैसे ही हैं।

इसके साथ ही भारत में रूसी दूतावास के उप प्रमुख रोमन बाबूसकिन ने भी कहा कि रूस की भारत-पाकिस्तान विवाद में कोई भूमिका नहीं है, जब तक कि दोनों देश मध्यस्थता के लिए नहीं कहते।

उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बंद दरवाजे की बैठक के दौरान हमने दोहराया कि कश्मीर भारत का एक आंतरिक मुद्दा है।

 

प्रादेशिक

गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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