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SC ने छात्र को दी घर जाने की इजाजत, कश्मीर जाकर परिवार से कर सकेगा मुलाकात

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अनुच्छेद 370 संबंधित 14 याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान ये भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ अब इस मामले को अक्टूबर के पहले हफ्ते में सुनेगी।

इन 14 याचिकाओं में जामिया के एक स्टूडेंट की भी याचिका थी जिसपर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उसे अपने घर अनंतनाग जाने की इजाजत दे दी।

जामिया में पढ़ रहे छात्र ने अपनी याचिका में कहा था कि वह अनंतनाग में अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहा है। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अभी का क्या हालात है।

क्या आप अभी भी अपने परिवार संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। क्या आप अनंतनाग जाना चाहते हैं। स्टूडेंट के जवाब पर चीफ जस्टिस ने स्टूडेंट को अनंतनाग जाने की इजाजत दी।

साथ ही सरकार से रिपोर्ट भी तलब की है। चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर स्टूडेंट को इस यात्रा के दौरान सुरक्षा की जरूरत है तो उसे भी मुहैया कराया जाए।

नेशनल

दिल्ली हिंसा: पुलिस को फटकार लगाने वाले जज का हुआ तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को फटकार वाले जज एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है। सुप्रीम कॉलिजियम ने बीती 12 फरवरी को जस्टिस मुरलीधर के तबादले को लेकर सुझाव दिया था जिसके बाद बुधवार को इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लिया है।

वहीँ, जज के तबादले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले को दुखद बताया। इसबीच उनके भाई तथा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यायमूर्ति लोया के याद करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया, जिनकी मौत पर राजनीतिक विवाद हुआ था। प्रियंका ने ट्वीट किया, “वर्तमान स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर का आधी रात को ट्रांसफर चौंकाने वाली घटना नहीं है, लेकिन यह दुखद और शर्मनाक है।”

स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “लाखों भारतीय नागरिकों को ईमानदार न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन न्याय को विफल करने और उनके विश्वास को तोड़ने का सरकार का प्रयास दुस्साहस भरा है।” इसी दौरान उनका साथ देते हुए राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर दिया, “बहादुर जज लोया की याद आई, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ था।” न्यायाधीश बी.एच. लोया सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जब दिसंबर 2014 में उनकी नागपुर में संदिग्ध मौत हो गई थी। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का स्थानांतरण (ट्रांसफर) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया था।

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