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Breaking: धारा 370 पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

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नई दिल्ली। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में मोदी सरकार द्वारा धारा 370 को कमजोर करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर इस पर जवाब मांगा है।

बुधवार को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 से संबंधित 14 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया है। जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ अब इस मामले पर अक्टूबर के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगी।

कश्मीर में इंटरनेट और संचार सेवाओं समेत दूसरी पाबंदियों को हटाने की मांग वाली याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ताओं में से एक मोहम्मद अलीम सईद को अपने माता-पिता से मिलने के लिए अनंतनाग जाने की इजाजत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार को आदेश दिया है कि वह सईद को पुलिस सुरक्षा प्रदान करें।

नेशनल

सीएबी पर पाकिस्तान की भाषा बोल रही कांग्रेस: मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस और कुछ विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कहा कि ये लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019(सीएबी) को लेकर पाकिस्तान की भाषा में बात कर रहे हैं। मोदी ने यह बयान संसद के पुस्तकालय भवन में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की संसदीय दल की बैठक में दिया।

बैठक के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पत्रकारों से कहा, “लोग संसद में सीएबी पर कांग्रेस के रुख पर अलग-अलग राय दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संसदीय दल की बैठक में इसे एक वाक्य में स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां पाकिस्तान की भाषा में बात कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “यहां तक कि पूर्णविराम और कामा भी समान है। हमें सीएबी विधेयक के बारे में भारत के लोगों को जानने देना चाहिए। प्रधानमंत्री का एक वाक्य का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की सोच क्या है।” इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नागरिकता(संशोधन) विधेयक, 2019 को ‘नरेंद्र मोदी-अमित शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाया करने का प्रयास बताया’ और कहा कि यह लोगों पर ‘आपराधिक हमला’ है।

राहुल ने ट्वीट किया, “सीएबी मोदी-शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाये का प्रयास है। यह पूर्वोत्तर पर, वहा के लोगों के जीवन के तौर-तरीके पर और भारत के विचार पर एक आपराधिक हमला है। मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और उनकी सेवा में तत्पर हूं।” मोदी लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने के दो दिन बाद यहां भाजपा संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

सीएबी के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़न झेल कर यहां आए हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, पारसियों, जैनियों और बौद्धों को भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। विपक्ष ने विधेयक को ‘असंवैधानिक’ बताकर इसका विरोध किया है।

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