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बीजेपी नेताओं के निधन पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने दिया अजीबोगरीब बयान

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निधन पर अजीबोगरीब बयान दिया है।

विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाते हुए साध्वी ने कहा कि विपक्ष बीजेपी नेताओं पर मारक शक्ति का इस्तेमाल कर रहा है, जिस कारण उनकी असमय मृत्यु हो रही है। साध्वी प्रज्ञा ने दावा किया कि एक संन्यासी ने मुझसे कहा था कि बीजेपी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

दरअसल, राजधानी भोपाल के प्रदेश बीजेपी कार्यालय में सोमवार को पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गयी थी।

इसमे प्रदेश बीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने शिरकत की और दिवंगत नेताओं के लिए अपनी अपनी बातें सामने रखीं.इसी कड़ी में जब भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की बारी आई तो उन्होंने बीजेपी नेताओं के निधन पर विपक्ष द्वारा भाजपा के नेताओ पर मारक शक्ति के प्रयोग की आशंका जताई।

सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, ‘मैं जब चुनाव लड़ रही थी तब एक महाराज जी आए थे, उन्होंने कहा था ये बहुत बुरा समय चल रहा है। आप अपनी साधना को बढ़ा लो। विपक्ष एक मारक शक्ति का प्रयोग आपकी पार्टी और उसके नेताओ के लिए कर रहा है ऐसे में आप सावधान रहें।’

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69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 69 हजार सहायक शिक्षकों के पदों पर एक बार फिर से रोक लग गई है। हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी।

दरअसल, उच्च न्यायालय में सहायक शिक्षकों के घोषित रिजल्ट में कुछ प्रश्नों की सत्यता पर सवाल उठाए थे जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने रोक लगा दी है।

जस्टिस आलोक माथुर ने विवादित सवालों पर विशेषज्ञ समिति को अगली तारीख तक तटस्थ राय देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। इससे पहले हाई कोर्ट ने 1 जून को अपना आदेश सुरक्षित किया था, जिसे आज सुनाया गया।

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को विवादित प्रश्नों पर अपनी आपत्ति एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को यूपी सरकार यूजीसी को भेजेगी और यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी।

गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी। सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल मे जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी।

याचियों के वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार व मीनाक्षी परिहार के मुताबिक कोर्ट ने विवादित सवालों को यूजीसी की विशेषज्ञों समिति को भेजकर रिपोर्ट मांगी है।

अभ्यर्थियों की ढाई दर्जन याचिकाओं पर जस्टिस आलोक माथुर ने आज अहम आदेश दिया है। याचिका में छह विवादित प्रश्नों के जवाब को चुनौती दी गई थी।

 

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