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प्रादेशिक

पेड़े की वजह से बेहोश हो गए थे पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण

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नई दिल्ली। पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ बालकृष्ण की तबीयत शुक्रवार को अचानक खराब हो गई जिसके बाद उन्हें पास के भूमानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन डॉक्टरों के उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत एम्स रेफर कर दिया।

बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ने पर सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ने लगी कि बालकृष्ण को दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी व्यक्ति ने उन्हें पेड़ा लाकर दिया था जिसको खाने के बाद बालकृष्ण बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पतंजलि की तरफ से एसकेजी तिजरावाला ने पक्ष रखते हुए कहा कि अभी बालकृष्ण की हालत में सुधार है। उन्होंने कहा, ‘बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के स्वास्थ्य लिए चिंता जताने वाले करोड़ों लोगों का आभार जताते हुए कहा कि जन्माष्टमी पर एक व्यक्ति पेड़ा लेकर आया था, जिसे खाने के बाद वो बेहोश हो गए। हालांकि, अब स्थिति सामान्य हो रही है.’

उन्होंने आगे बताया कि एम्स द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि उनके स्वास्थ्य के प्रमुख पैरामीटर सामान्य हैं। एम्स के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक बालकृष्ण का ब्लड प्रेशर, ईसीजी और इको आदि जांच की रिपोर्ट नॉर्मल है।

 

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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