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प्रादेशिक

सीएम योगी ने मंत्रियों को बांटे मंत्रालय, खुद के पास रखे 37 विभाग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद गुरुवार देर रात मंत्रियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए। जानकारी के मुतबाकि सीएम योगी के अपने पास पास गृह व राजस्व सहित 37 विभाग रखे हैं।

इस बार मुख्यमंत्री ने विभागों का आवंटन बहुत सोच-समझकर किया है। जय प्रताप सिंह को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अब तक इस विभाग को संभाल रहे सिद्घार्थनाथ सिंह को खादी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर तथा सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के पास माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय रहेंगे।

केंद्र की तर्ज पर जल शक्ति विभाग का गठन किया गया है और यह महत्वपूर्ण विभाग डॉ. महेंद्र सिंह को सौंपा गया है। इसमें सिंचाई समेत जल से संबंधित सभी विभागों को शामिल किया गया है। वहीं, सुरेश राणा का गन्ना विकास विभाग उनके पास ही रखा गया है।

वित्त विभाग सुरेश खन्ना को सौंपा गया है, जबकि उनके नगर विकास को आशुतोष टंडन को दिया गया है। आशुतोष के पिता लालजी टंडन भी इस विभाग के मंत्री रह चुके हैं। सिद्घार्थनाथ सिंह और नंद्गोपाल गुप्ता नंदी के महत्वपूर्ण विभाग ले लिए गए हैं। चेतन चौहान से खेल मंत्रालय लेकर स्वतंत्र प्रभार के उपेंद्र तिवारी को दिया गया है।

इस बार मुख्यमंत्री ने कुछ राज्यमंत्रियों को विभाग न देकर अपने पास रखा है। दोनों उप मुख्यमंत्री के अलावा सूर्य प्रताप शाही, स्वामी प्रसाद मौर्य, सतीश महाना, रमापति शास्त्री और मुकुट बिहारी वर्मा के विभाग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अलावा अनुपमा जायसवाल की जगह सतीश द्विवेदी को बेसिक शिक्षा का दायित्व दिया गया है।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को गोरखपुर दौरे से वापस लौटने के बाद प्रस्तावित विभागों को मंजूरी दे दी। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों को लेकर राज्यपाल से मंत्रणा की थी।

 

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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